आगरा: उटंगन नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा, 9 युवक-किशोर लापता
खेरागढ़, आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। कुसियापुर डूगरवाला गांव के 13 युवक और किशोर गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई से एक युवक विष्णु को बचा लिया गया, जबकि देर रात तक 3 शव बरामद हुए। नौ युवक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें पांच नाबालिग शामिल हैं। इस भयावह हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।
घटना का विवरण:
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे, कुसियापुर गांव के 40-50 लोग चामड़ माता मंदिर में स्थापित 4 फुट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए उटंगन नदी पहुंचे थे। नवरात्र के दौरान स्थापित की गई इस प्रतिमा का विसर्जन दशहरे पर होना था। विसर्जन के लिए 11 से 15 युवक और किशोर नदी के भीतर गए थे।
ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही वे प्रतिमा को नदी के बीचों-बीच ले जा रहे थे, अचानक एक युवक का पैर फिसल गया। उसे बचाने की कोशिश में, उसके साथ खड़े अन्य युवक और किशोर भी गहरे पानी में समाते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वे सभी एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए थे और प्रतिमा को संभाले हुए थे, लेकिन नदी की अप्रत्याशित गहराई और अज्ञात गड्ढों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
बचाव अभियान और आक्रोश:
ग्रामीणों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए, 20 वर्षीय विष्णु को किसी तरह जीवित बाहर निकाला। हालांकि, उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
पुलिस और गोताखोरों की मदद से, 25 वर्षीय ओमपाल और 24 वर्षीय गगन के शव निकाले गए। देर रात तक, किशोर मनोज का शव भी बरामद हुआ। नौ अन्य युवकों की तलाश में एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर अथक प्रयास कर रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि हादसे के समय मौके पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ टीम के देर से आगमन से नाराज ग्रामीणों ने जाम भी लगाया, जिसे दो घंटे बाद शांत कराया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति:
हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मूर्ति विसर्जन स्थल पर ड्यूटी पर पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना विसर्जन स्थल से कुछ दूर, नदी के बीचों-बीच घटित हुई।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुलिस और बचाव दल समय पर मौजूद होते, तो इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।
वर्तमान स्थिति:
- अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं।
- नौ युवक और किशोर अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
- पूरे गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर छाई हुई है।
- प्रशासन ने बचाव कार्यों में तेजी लाने का आश्वासन दिया है।
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