CM Samrat Chaudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज 01 नवम्बर 2026 रविवार को गोला रोड (रंजन पथ) स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ का दीप प्रज्वलित कर भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति से जुड़े विशिष्ट लोगों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी स्व० आचार्य किशोर कुणाल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
लोकतंत्र की नींव बिहार की धरती से पड़ी – CM सम्राट चौधरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की सच्ची नींव बिहार की ऐतिहासिक धरती से ही पड़ी है। वर्ष 1947 में अमर स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य बलिदान और संघर्ष के बाद देश को आजादी मिली थी। आज आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के इस खास अवसर पर हमें अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ दिन-रात निरंतर कार्य कर रहे हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। युवा पीढ़ी ही हमारे देश का असली भविष्य है।
मजबूत लोकतंत्र के निर्माण, देश की गौरवशाली सभ्यता एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने तथा भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1974 के ऐतिहासिक आंदोलन में युवाओं ने कितनी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई थी। आज का यह दौर ‘जेन-जी’ और ‘जेन अल्फा’ का आधुनिक दौर है। युवा पीढ़ी को आगे आकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम करना होगा। ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद’ जैसे शानदार आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लोकतंत्र में असली मालिक जनता ही होती है और लोकतंत्र हमेशा ‘लोकलाज’ के दायरे में चलता है। आम जनता की आवाज और उनकी उम्मीदों को समझना ही किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। जनता ने हमें सेवा करने का जो अवसर दिया है, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हम खुद को उनका भाग्य विधाता समझने लगें। जनहित में लिए गए फैसलों और बनाए गए कानूनों की भी समय-समय पर समीक्षा करनी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस भी लेना पड़ता है। आखिरकार, सरकार जनता के द्वारा ही चुनी जाती है और हमेशा जनता के कल्याण के लिए ही काम करती है।
जीवन में सफल वही लोग होते हैं, जो जनता और खास तौर पर युवा पीढ़ी की उम्मीदों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाते और फैसले लेते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी लगातार पांच बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। इन दिग्गज नेताओं ने हमेशा जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप ही विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जनता के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम करने वाले राजनेताओं को ही हमेशा जनता का अटूट विश्वास और समर्थन मिलता है। इसके विपरीत, राजतंत्र की पुरानी सोच रखने वाले लोग कभी भी जनता की असली अपेक्षाओं को नहीं समझ पाते, जबकि लोकतंत्र में हमेशा जनता की आवाज ही सर्वोपरि होती है।
PM मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में बिहार में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों के यशस्वी कार्यकाल में देश के करीब साढ़े पांच करोड़ गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं तथा 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। इसके अलावा देश भर में पेयजल, बिजली जैसी तमाम बुनियादी सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आज बिहार में अमीर से लेकर गरीब तबके तक के सभी लोगों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली मुहैया कराई जा रही है। राज्य सरकार प्रतिवर्ष हर परिवार पर लगभग 8 से 10 हजार रुपये सिर्फ बिजली सब्सिडी के रूप में खर्च कर रही है। इस प्रकार, केवल बिजली सब्सिडी पर ही बिहार सरकार लगभग 23 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च कर रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सक्षम, संपन्न और आयकर देने वाले नागरिकों से विशेष अपील की कि वे स्वेच्छा से इस 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़कर बिहार के समग्र विकास में अपना सार्थक योगदान दें।
उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिले
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि बिहार के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ सफलतापूप्रवक संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की बड़ी आर्थिक सहायता दी जाती है। इस महत्वपूर्ण योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 18000 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाती है। इसके साथ ही बिहार में नए विश्वविद्यालय खोलने के लिए भी देश-दुनिया के लोगों को आमंत्रित किया गया है। राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि यहां के बच्चों को उच्च कोटि की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में 700 मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 3.5 लाख बच्चे पूरी तन्मयता से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन सभी विद्यार्थियों को खास ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ की आधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इस अत्याधुनिक ऐप के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान यदि किसी विषय में किसी शिक्षक की आवश्यकता पड़ जाए, तो रात के एक बजे भी मात्र एक मिनट के भीतर शिक्षक की सहायता उपलब्ध करा दी जाती है और उनकी शैक्षणिक समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाता है। शिक्षा और ज्ञान के अर्जन के माध्यम से ही हम सब जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के विकास और सुधार को लेकर खुद फेसबुक लाइव के माध्यम से देश के युवाओं से सीधे संवाद किया था, जिसमें रिकॉर्ड 33 करोड़ युवा जुड़े थे। लोकतंत्र असल में जनता की अपनी आवाज है। जनता और युवा वास्तव में क्या चाहते हैं, इसे गहराई से समझकर उनकी उम्मीदों के अनुरूप कानून और नीतियां तैयार करना तथा विकास कार्य करना ही लोकतंत्र का एकमात्र वास्तविक अर्थ है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद’ के संस्थापक सायन कुणाल एवं लोकप्रिय सांसद शांभवी चौधरी को इस शानदार और सफल आयोजन के लिए तहे दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन हर साल नियमित रूप से किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें देश की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा सके। इस गरिमामयी कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चौधरी एवं पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल ने भी अपने ओजस्वी विचारों से संबोधित किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, सांसद शांभवी चौधरी, विधायक विशाल प्रशांत, सी०बी०एस०ई० पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी जंगम सुनील कुमार, पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल, ज्ञान निकेतन स्कूल के प्राचार्य शैलेन्द्र मोहन झा सहित बड़ी संख्या में उत्साही छात्र-छात्राएं और गणमान्य युवा उपस्थित थे।
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