जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भर्ती कैलेंडर को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. इस संबंध में गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा
एक तरफ सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए समय पर भर्तियां करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) नहीं कराने से प्रदेश के 20 लाख से ज्यादा बेरोजगार युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। पिछली पात्रता अवधि समाप्त हो गई है और नई परीक्षा का कोई संकेत नहीं है, जिसके कारण कांस्टेबल और ग्राम विकास अधिकारी जैसी 23 महत्वपूर्ण नई भर्तियाँ अब लगातार एक साल के लिए अटकी हुई हैं।
अशोक गहलोत ने कहा कि नियमों में बदलाव और मंथन के नाम पर राज्य सरकार की ढिलाई ने चयन बोर्ड को पंगु बना दिया है, जिससे युवाओं को ओवरएज होने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है. हमारी सरकार ने हमेशा युवाओं को मजबूत करने का काम किया है, लेकिन वर्तमान सरकार की प्रशासनिक अक्षमता और दिशाहीनता ने राजस्थान के प्रतिभाशाली युवाओं को सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर कर दिया है।
मुख्यमंत्री को विज्ञापन की दुनिया से बाहर आकर यह जवाब देना चाहिए
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को विज्ञापन की दुनिया से बाहर आकर जवाब देना चाहिए कि जब चयन बोर्ड के पास परीक्षा के लिए निर्देश ही नहीं हैं तो फिर यह खोखला कैलेंडर जारी करने का नाटक क्यों किया जा रहा है? युवाओं के धैर्य की और परीक्षा न लें, तुरंत अधिसूचना जारी करें और रुकी हुई भर्ती प्रक्रिया शुरू करें।
पीसी: जनसत्ता
अपडेटेड खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
