मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
जहरीली शराब से अब तक 16 मौतें
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड ने प्रशासन और पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। शराब पीने के बाद करीब 50 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
जिलाधिकारी प्रतिभा पाल ने मौतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि की है। वहीं, करीब 32 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है।
CM मोहन यादव ने लिया सख्त एक्शन का फैसला
घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रशासन को कानून-व्यवस्था के स्तर पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की है और मामले में कई लोगों पर कार्रवाई करते हुए ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।
CM बोले- सबसे बड़े अपराधी का ‘शॉर्ट एनकाउंटर’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को लेकर कहा कि मामले में सबसे बड़े अपराधी का ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ हुआ है। उन्होंने नशाखोरी के खिलाफ पूरे राज्य में अभियान चलाने की बात भी कही।
हालांकि, इस कार्रवाई और घटना से जुड़े आरोपों की विस्तृत कानूनी स्थिति जांच के आगे बढ़ने के साथ स्पष्ट होगी। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
30 आरोपियों की पहचान, 16 गिरफ्तार
सागर पुलिस के अनुसार शराबकांड में अब तक 30 आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के भी आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह स्वीकार किया है कि सागर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब बनाई जा रही थी। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध शराब के निर्माण और सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा था।
ललितपुर गैंग का कनेक्शन सामने आया
सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ललितपुर से जुड़े एक गिरोह के सदस्य रवि लखेड़ा की भी मामले में भूमिका सामने आई है।
पुलिस के अनुसार लखेड़ा सागर जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब बनाने में शामिल था। वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है और उसके माता-पिता वहीं रहते हैं।
सागर और ललितपुर की सीमा एक-दूसरे से लगती है, ऐसे में पुलिस इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
नशाखोरी के खिलाफ अभियान की तैयारी
सागर की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में नशाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है। सरकार का फोकस अवैध शराब के निर्माण और उसकी सप्लाई पर कार्रवाई करने के साथ ऐसे नेटवर्क को तोड़ने पर भी रहेगा।
मामले में अब न्यायिक जांच के साथ पुलिस की कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होगा कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसकी सप्लाई किन इलाकों तक हुई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
कार्रवाई के साथ जवाबदेही की चुनौती
सागर में हुई मौतों ने अवैध शराब के कारोबार और स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरकार ने सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है, लेकिन पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सबसे बड़ी चुनौती होगी।
अब नजर न्यायिक जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्य यह तय करेंगे कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और अवैध शराब के नेटवर्क को रोकने के लिए प्रशासन किस स्तर तक कदम उठाता है।
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