रायबरेली में मानवता को शर्मसार करती मॉब लिंचिंग: दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, कांग्रेस ने कहा – संविधान की हत्या
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में 40 वर्षीय दलित व्यक्ति हरिओम वाल्मीकि को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और कांग्रेस ने इसे “मानवता और संविधान की हत्या” करार दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे भी कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को जातिगत एंगल देने की कोशिशों को खारिज करते हुए अफवाहबाजों पर सख्ती की चेतावनी दी है।
जमुनापुर गांव की अंधियारी रात: चोरी के शक में एक जान का अंत
यह भयावह घटना रायबरेली जिले के ऊंचाहार इलाके के जमुनापुर गांव में 2 अक्टूबर की देर रात को हुई। स्थानीय लोगों ने फतेहपुर निवासी हरिओम वाल्मीकि को चोर समझकर उस पर लाठी, डंडों और बेल्टों से जानलेवा हमला कर दिया। उस समय गांव में यह अफवाह फैली हुई थी कि चोरों का एक गिरोह चोरी के इरादे से घरों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। इसी अफवाह के चलते, मानसिक रूप से कुछ अस्थिर लग रहे हरिओम को ग्रामीणों ने शक के घेरे में लिया और उसकी बेदर्दी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कड़े कदम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हरिओम के शरीर पर कई गंभीर चोटें पाई गईं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) यशवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में तुरंत पांच आरोपियों, वैभव सिंह, विजय कुमार, सहदेव पासी, विजय मौर्य और सुरेश कुमार मौर्य को गिरफ्तार किया गया। वहीं, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मंगलवार को चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें घटना का तमाशबीन रहा शिव प्रसाद अग्रहरि, मुख्य आरोपी शिवम को शरण देने वाला एक रिश्तेदार और दो अन्य लोग शामिल हैं। इस प्रकार, गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या नौ हो गई है।
एसपी सिंह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत अत्यंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना को जातिगत रंग देने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। एसपी ने जोर देकर कहा, “पीड़ित ग्रामीणों के लिए अज्ञात था और इसमें शामिल लोग विभिन्न समुदायों से हैं। पुलिस गलत सूचना फैलाने या सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेगी।”
राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में घटना, कांग्रेस ने उठाया सवाल
यह घटना तब और भी अधिक चर्चा में आ गई जब यह सामने आया कि यह लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में हुई है। कांग्रेस ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे “मानवता और संविधान की हत्या” करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, “भीड़ के हाथों हत्या, बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र वर्तमान समय की भयावह पहचान बन गए हैं।”
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को फतेहपुर में हरिओम के परिवार से मुलाकात की और आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में “जंगल राज” कायम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब पीड़ित ने राहुल गांधी का नाम लिया तो उसकी पिटाई की गई। राहुल गांधी ने खुद हरिओम के भाई से फोन पर बात करके उसे हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पुलिस ने वीडियो साक्ष्य के आधार पर 10 से 15 और संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। रायबरेली पुलिस की कई टीमें फतेहपुर पुलिस के साथ मिलकर उन संदिग्ध लोगों पर भी नजर रख रही हैं जिनके दूसरे राज्यों में भाग जाने की आशंका है। यह घटना देश में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर एक गंभीर सवाल खड़ी करती है।
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