राम सबके, पर निमंत्रण क्यों नहीं? दलित सांसद अवधेश प्रसाद का तीखा सवाल
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह में समाजवादी पार्टी (एसपी) के सांसद अवधेश प्रसाद को आमंत्रित न किए जाने पर राजनीति गरमा गई है। फैजाबाद (अयोध्या) संसदीय क्षेत्र से चुने गए सांसद अवधेश प्रसाद ने सीधा आरोप लगाया है कि उन्हें उनके दलित होने के कारण समारोह में नहीं बुलाया गया। उन्होंने इसे “राम की मर्यादा नहीं, किसी और की संकीर्ण सोच का परिचय” करार देते हुए कहा, “राम सबके हैं।”
मंगलवार को ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में प्रसाद ने कहा, “रामलला के दरबार में धर्म ध्वजा स्थापना कार्यक्रम में मुझे न बुलाए जाने का कारण मेरा दलित समाज से होना है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी पद या आमंत्रण को लेकर नहीं, बल्कि “सम्मान, बराबरी और संविधान की मर्यादा” के लिए है। इससे पहले, उन्होंने सोमवार शाम को भी ‘एक्स’ पर लिखा था कि उन्हें अभी तक निमंत्रण नहीं मिला है और यदि मिलता है तो वह “सारा काम धाम छोड़कर नंगे पैर ही वहां जाएंगे।”
इस मामले को एसपी की सहयोगी कांग्रेस पार्टी ने भी उठाया है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद को आमंत्रित न करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका कारण उनकी दलित जाति ही है। मसूद ने कहा, “मुझे लगता है कि सांसद की जाति ही उन्हें निमंत्रण न मिलने का कारण बन गई।”
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तवव ने इन्हें “तथ्यहीन” और “राजनीतिक” करार देते हुए कहा कि यदि अवधेश प्रसाद की भगवान श्रीराम के प्रति आस्था होती तो वह स्वतः ही कार्यक्रम में शामिल होते।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब हालिया लोकसभा चुनाव में अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद (अयोध्या) संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के दो बार के सांसद और मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता लल्लू सिंह को पराजित किया था। अयोध्या में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के कुछ महीनों बाद हुए इस चुनाव में बीजेपी की हार काफी चर्चा में रही थी।
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