दिल्ली पर प्रदूषण का कहर: धुंध की चादर में लिपटी राजधानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली सोमवार को धुंध और कोहरे की मोटी चादर में लिपटी नजर आई, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है। सांस लेने में हो रही दिक्कत ने नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है।
प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता का हाल:
- आनंद विहार: AQI 371 (‘बेहद खराब’ श्रेणी)
- अक्षरधाम: AQI 347 (‘बेहद खराब’ श्रेणी)
- लोधी रोड: AQI 312 (‘बेहद खराब’ श्रेणी)
- कर्तव्य पथ: AQI 307 (‘बेहद खराब’ श्रेणी)
- AIIMS और सफदरजंग अस्पताल के आसपास: AQI 215 (‘खराब’ श्रेणी)
- ITO: AQI 160 (‘मध्यम’ स्तर)
प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाते सीपीसीबी के मानक:
- 0-50: अच्छा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बहुत खराब
- 401-500: गंभीर
प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदम:
दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय हो गया है। कर्तव्य पथ और लोधी रोड जैसे इलाकों में विशेष ट्रक-माउंटेड पानी छिड़कने वाले वाहन तैनात किए गए हैं, जो सड़कों पर पानी का छिड़काव कर धूल और प्रदूषण के कणों को नीचे बिठाने का काम कर रहे हैं।
विदेशी पर्यटक भी परेशान:
प्रदूषण की मार सिर्फ स्थानीय नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली में ठहरे विदेशी नागरिकों पर भी पड़ रही है। भारत भ्रमण पर आए एक विदेशी पर्यटक शेन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “मैं आगरा से बस में दिल्ली आया। जैसे-जैसे शहर के करीब पहुंचा, धुंध और कोहरा बढ़ता गया। इतना धुआं था कि सूरज भी दिखाई नहीं दे रहा था। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब है।”
स्थानीय नागरिकों की व्यथा:
दिल्ली के निवासी सैफ ने प्रदूषण के कारण हो रही आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत का ज़िक्र करते हुए सरकार से शीघ्र और सख्त कदम उठाने की अपील की है।
एनसीआर में भी बिगड़ी हवा की गुणवत्ता:
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहर भी प्रदूषण की चपेट में हैं।
- गाजियाबाद: AQI 351
- गुरुग्राम: AQI 357
- नोएडा: AQI 348
- ग्रेटर नोएडा: AQI 340
- फरीदाबाद: AQI 215 (‘खराब’ श्रेणी)
विशेषज्ञों की सलाह और समाधान की दिशा:
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के प्रमुख कारणों में पराली जलाना, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय बाहर निकलने से बचें, मास्क का प्रयोग करें और घरों में एयर प्यूरिफायर का उपयोग बढ़ाएं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी उपायों की तत्काल आवश्यकता है।
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