दिल्ली की हवा फिर हुई ज़हरीली: ‘गंभीर’ श्रेणी में राजधानी, CAQM ने कसीं पाबंदियों की लगाम
दिल्ली, 12 नवंबर, 2023 – देश की राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। लगातार दसवें दिन हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जिससे शहरवासियों के लिए सांस लेना दूभर हो गया है। रविवार की सुबह दिल्ली का औसत AQI 380 दर्ज किया गया, जो शनिवार की तुलना में थोड़ा अधिक है। राजधानी के कई इलाके, जिनमें जहांगीरपुरी, बवाना और आनंद विहार शामिल हैं, ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गए हैं, जहाँ हवा की गुणवत्ता अत्यंत खतरनाक स्तर पर है।
प्रदूषण के हॉटस्पॉट फिर संकट में
सुबह 7:15 बजे तक, जहांगीरपुरी में AQI 438 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसी तरह, बवाना (431), आनंद विहार (427), और अशोक विहार (421) जैसे क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि दिल्ली का एक बड़ा हिस्सा अभी भी स्मॉग की मोटी चादर में लिपटा हुआ है और प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
NCR में भी बिगड़े हालात
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भी स्थिति चिंताजनक है:
- नोएडा: AQI 396 (गंभीर श्रेणी के करीब)
- ग्रेटर नोएडा: AQI 380 (बहुत खराब)
- गाजियाबाद: AQI 426 (गंभीर)
- गुरुग्राम: AQI 286 (खराब)
- फरीदाबाद: AQI 228 (खराब)
NCR में सुबह की हल्की धुंध ने दृश्यता को प्रभावित किया और श्वसन संबंधी समस्याओं को और बढ़ा दिया।
CAQM ने कड़े किए ग्रैप के नियम
बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के नियमों को और सख्त करने और कई प्रतिबंधों को पहले चरण में ही लागू करने का आदेश दिया है। अब AQI बढ़ने के साथ ही पाबंदियां पहले की तुलना में और तेजी से लागू की जाएंगी।
महत्वपूर्ण निर्णय:
- डीजल जनरेटर के उपयोग को कम करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
- ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
- प्रदूषण अलर्ट टीवी, रेडियो और अखबारों में लगातार जारी किए जाएंगे।
- सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- ग्रैप के स्टेज अब और भी सख्त होंगे।
- स्टेज-III के कई नियम अब स्टेज-II में ही लागू होंगे।
- स्टेज-IV में लागू होने वाले 50% स्टाफ उपस्थिति के नियम अब स्टेज-III में आ गए हैं।
दिल्ली सरकार ने निजी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 50% कर्मचारियों के साथ काम करें और शेष को ‘वर्क फ्रॉम होम’ का विकल्प दें, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके।
विशेषज्ञों की चेतावनी: ‘सावधान रहने की आवश्यकता’
प्रदूषण विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को कम करने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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