रमेश का दावा है कि जून 2026 के एक स्वतंत्र सर्वेक्षण में 2023 से पहले बने 44,000 से अधिक पेट्रोल वाहनों के मालिकों ने ई20 ईंधन लागू होने के बाद अपने वाहनों पर काफी प्रतिकूल प्रभाव महसूस होने की बात स्वीकार की है।
उन्होंने इस ओर ध्यान दिलाया कि सितंबर 2025 में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जैव ईंधन से इंजन को नुकसान पहुंचने की शिकायतों को पूरी तरह ‘बकवास’ बताकर खारिज कर दिया था।
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने आरोप लगाया कि जुलाई 2026 की ‘एआरएआई’ (ARAI) रिपोर्ट सामने आने के बावजूद मोदी सरकार ई20 से जुड़े इन गंभीर दावों को लगातार अनदेखा कर रही है।
उन्होंने खुलासा किया कि टिकाऊपन से जुड़े परीक्षणों में यात्री वाहनों के इंजनों में बड़ी खराबी और उनके पूरी तरह विफल होने के कई मामले भी सामने आए हैं।
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