रमेश ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “अगर प्रधान के मंत्रालय ने सीबीएसई परीक्षाओं, ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में रत्ती भर भी ईमानदारी दिखाई होती, तो आज लाखों छात्र और उनके परिवार इस मानसिक प्रताड़ना को नहीं झेल रहे होते।”
उन्होंने हमला जारी रखते हुए कहा, “मंत्री प्रधान का अपनी कुर्सी से चिपके रहना सत्ता के प्रति उनके बेपरवाह मोह को दर्शाता है। वे एक अहंकारी और अक्षम व्यक्ति के रूप में सबके सामने आ चुके हैं, जो पूरी तरह से विफल और समझौतावादी मंत्रालय चला रहे हैं।”
(पीटीआई के इनपुट के साथ)
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