उन्होंने कहा, “पिछले दिनों छिंदवाड़ा जिले में जहरीला कफ सिरप पीने से 25 बच्चों की मौत हुई थी। जिस दवा से बच्चों की जान बचाई जानी थी, उसी दवा ने उनकी जान ले ली थी। इससे संदेश क्या जाता है, किसी को सजा नहीं मिलेगी। वही स्थिति इंदौर में है।”
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि 10 साल के इंतजार के बाद बच्चा हुआ और 10 माह के बच्चे सहित 13 लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार की ओर से मौत का आंकड़ा चार बताया जा रहा है, कुल मिलाकर मौतों की संख्या को भी छुपाया जा रहा है। अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को हटाया जाना चाहिए। इंदौर में बीजेपी के 9 विधायक है, सांसद है, महापौर है। उसके बाद भी पानी में जहर परोसा गया है।
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