जयपुर. कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में 5 गर्भवती महिलाओं की मौत की जांच रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. इस संबंध में उन्होंने आज एक्स के माध्यम से कहा कि कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में 5 गर्भवती महिलाओं की मौत का कारण सीधे तौर पर ‘इलाज में लापरवाही’ बताने वाली जांच रिपोर्ट बेहद गंभीर, परेशान करने वाली और अक्षम्य है.
ये सामान्य मौतें नहीं हैं, बल्कि व्यवस्था की घोर असंवेदनशीलता के कारण हुई संस्थागत हत्याएं हैं। एम्स की टीम द्वारा ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण की आशंका अस्पताल प्रशासन के दावों के सामने उड़ती नजर आ रही है.
गहलोत ने कहा कि कोटा ही नहीं, बीकानेर के हालात भी रूह कंपा देने वाले हैं. वहां भी गर्भवती महिलाओं की किडनी फेल होने की वजह अस्पतालों की खराब हालत, ओटी में गंदगी और संक्रमण का खौफनाक सच सामने आया है। ये सभी तथ्य साफ तौर पर गवाही दे रहे हैं कि पूरे राज्य का स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर पर निर्भर हो गया है और विभाग की इस आपराधिक लापरवाही ने गरीबों की जिंदगी को खिलौना बना दिया है.
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार को अब कुंभकर्णी नींद से जागना होगा. कोटा और बीकानेर की इन दर्दनाक घटनाओं को महज ‘दुर्घटना’ मानकर दबाने की कोशिश कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कल जब मैं अपनी कोटा यात्रा के दौरान इन पीड़ित एवं भर्ती माताओं से मिला तो मेरा दिल टूट गया। ये सभी बेहद गरीब परिवार की असहाय महिलाएं हैं, जो सरकारी तंत्र के भरोसे अस्पताल आई थीं।
जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए और आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेरी मुख्यमंत्री से सीधी और दो टूक मांग है कि इस अक्षम्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए. साथ ही प्रभावित परिवारों को तुरंत मुआवजा राशि दी जाए. सरकार को यह स्वीकार करना होगा कि यह आपकी सरकार और सिस्टम की पूरी विफलता है, जिसकी कीमत निर्दोष महिलाओं को अपनी जान देकर और अपनी किडनी खोकर चुकानी पड़ रही है।
पीसी: भास्कर
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