AMN. उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में 15 घरों के चिराग जलकर खाक हो गए. आपको बता दें कि जब ये हादसा हुआ तब मुख्यमंत्री अपने अलीगढ़ दौरे पर लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें मंच से मिली और सभी कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा कर वह लखनऊ के लिए रवाना हो गये. इससे पहले उन्होंने मौके पर पहुंचकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत सभी अधिकारियों को राहत कार्य के निर्देश जारी किये.
सीधे घटना स्थल पर पहुंचे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम से निकलकर लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया. घटना के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में घायलों की स्थिति का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने दुर्घटना के पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए तत्काल 5-5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की. घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गई।
त्वरित कार्रवाई
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से निकलने के बाद मुख्यमंत्री ने 5 कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जिसमें सभी वरिष्ठ और प्रमुख अधिकारी शामिल हुए. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया.
अग्निकांड के तीन आरोपियों रामकृष्ण उपाध्याय (निवासी अलीगंज), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (निवासी बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड, लखनऊ), तुषाक कृष्ण जयसवाल (निवासी बालागंज, लखनऊ) और सुरेश कुमार साहू (निवासी मड़ियांव) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
pc-satyahindi.com
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