चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भड़के ममता बनर्जी के वकील: कोर्ट में उठाए तीखे सवाल!
ममता बनर्जी की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अदालत में चुनाव आयोग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने उस अदालती आदेश को चुनौती दी, जिसमें मतदाता सूची की ‘तार्किक त्रुटियों’ को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। दीवान ने वक्त की कमी का हवाला देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन में केवल 11 दिन बचे हैं और सुनवाई निपटाने के लिए महज 4 दिन का समय शेष है।
वकील ने गंभीर आरोप जड़ते हुए कहा कि मैदान में 8,300 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं, जिनका संविधान में कोई उल्लेख तक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आधार, डोमिसाइल और ओबीसी सर्टिफिकेट जैसे वैध दस्तावेजों को भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है। आम जनता 4 से 5 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ी रहने को मजबूर है, लेकिन चुनाव आयोग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किन कारणों से उनके नामों को ‘गड़बड़ी’ वाली श्रेणी में डाल दिया गया है।
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