पश्चिम बंगाल में प्रलयंकारी भूस्खलन: 23 की मौत, अनगिनत घायल
रविवार को पश्चिम बंगाल के सुरम्य मिरिक और दार्जिलिंग पहाड़ियों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। प्रकृति के इस रौद्र रूप ने भयानक भूस्खलन को जन्म दिया, जिसमें कम से कम 23 जानें चली गईं, जिनमें कई निर्दोष बच्चे भी शामिल थे। दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनकी चीखें अभी भी पहाड़ी हवाओं में गूंज रही हैं।
यह विनाशकारी घटना सिर्फ जान-माल की हानि तक सीमित नहीं रही। भूस्खलन के सैलाब में कई घर ताश के पत्तों की तरह बह गए, जिससे उनका नामों-निशान तक मिट गया। सड़कों का ताना-बाना उखड़ गया, जिससे दूरदराज के दर्जनों गांव दुनिया से कट गए। सैकड़ों पर्यटक, जो इन खूबसूरत वादियों में सुकून की तलाश में आए थे, अब फंसे हुए हैं, उनकी आशाएं मलबे में दबी हुई हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और पश्चिम बंगाल सरकार के दार्जिलिंग व जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई संयुक्त रिपोर्टों के अनुसार, सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव (मेची), नागराकाटा और मिरिक झील जैसे कई इलाकों से मौतों की हृदय विदारक खबरें सामने आई हैं। इस बीच, निकटवर्ती जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में एक अलग बचाव अभियान के दौरान, भूस्खलन के विशाल मलबे से पांच शव बरामद किए गए। एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा, “मिरिक, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में अब तक कुल 23 लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है।” यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ रहा है, और बचावकर्मी अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
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