पटना-भागलपुर में आसमानी कहर, शेखपुरा में बिजली की मार; 2 अक्टूबर से महाप्रकोप का तांडव

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
5 Min Read
Aaj Bihar ka Mausam

बिहार में बारिश का कहर: आफत की शुरुआत, आगे और बढ़ेगी मुश्किलें

पटना से सुपौल तक, हर ओर पानी ही पानी; मौसम विभाग ने दी चेतावनी

बिहार के कई जिलों में बुधवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पटना से लेकर सुपौल तक, सड़कों पर जलभराव, पंडालों में अव्यवस्था और बिजली गिरने से हुई मौतों ने राज्य को झकझोर दिया। मौसम विभाग की मानें तो यह तो महज़ शुरुआत है। 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक आसमान और भी ज़्यादा कहर बरपा सकता है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठे दो मौसमीय सिस्टम न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का तांडव मचाने की तैयारी में हैं।

अचानक बदला मौसम, बारिश बनी आफत

बुधवार की सुबह पटना, भागलपुर, गया, सीवान, बक्सर, बांका, जमुई, बेगूसराय, नालंदा, खगड़िया, सुपौल, लखीसराय और गोपालगंज में तेज बारिश ने लोगों को घर में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। दोपहर बाद सासाराम, सहरसा, शेखपुरा, जहानाबाद और समस्तीपुर भी बारिश की आगोश में आ गए। शेखपुरा में तो आकाशीय बिजली एक पेड़ पर गिरी, जिसने देखते ही देखते आग पकड़ ली। वहीं, बक्सर में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। नवादा जिले के सिरदला प्रखंड में दुर्गा पूजा कलश विसर्जन के दौरान बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। सुपौल और खगड़िया की सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए, जबकि नालंदा में दुर्गा पूजा पंडालों की व्यवस्था चरमरा गई।

अवेयर मीडिया नेटवर्क

यलो अलर्ट जारी, 2 अक्टूबर से बड़ा खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को राज्य के 24 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों ने साफ चेतावनी दी है कि 2 से 7 अक्टूबर के बीच बिहार के पूर्वी और उत्तरी जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। कुछ जगहों पर तो अत्यधिक बारिश की आशंका जताई जा रही है, साथ ही बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले खेतों में काम करने से बचें।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठे दो सिस्टम

बिहार में हो रही इस भारी बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय दो मजबूत मौसमीय सिस्टम हैं। 30 सितंबर से अंडमान सागर के ऊपर एक चक्रवातीय क्षेत्र बना है, जो 1 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया के रूप में मजबूत हो गया। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर की ओर बढ़ते हुए 3 अक्टूबर को दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों से टकराने वाला है।

वहीं, अरब सागर में भी कच्छ की खाड़ी और उससे लगे इलाकों पर एक लो-प्रेशर सिस्टम एक्टिव हो चुका है। अगले 24 घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। वर्तमान में इसके चारों ओर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

बिहार समेत कई राज्यों में दिखेगा असर

इन सक्रिय सिस्टम्स का प्रभाव सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं रहेगा। पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश और खराब मौसम की आशंका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून इतनी आसानी से विदा नहीं होने वाला। जिन राज्यों में पिछले महीने ही मानसून की विदाई का ऐलान कर दिया गया था, वहां भी बारिश लौट सकती है। बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बनने की संभावना है, जिसके कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में 10 अक्टूबर के बाद भी बारिश जारी रह सकती है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version