पटना में सनसनी: NEET छात्रा की संदेहास्पद मौत, हॉस्टल के कमरे में मिली थी बेहोश
Patna News: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. रविवार देर शाम जब छात्रा काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो हॉस्टल कर्मियों ने अनहोनी की आशंका में दरवाजा तोड़ा. भीतर का नजारा खौफनाक था—छात्रा बेसुध पड़ी थी. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है. दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने संगीन आरोप लगाते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया है. परिजनों का दावा है कि छात्रा के शरीर पर चोट के निशान थे और उन्हें आशंका है कि दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है. पिता की तहरीर पर चित्रगुप्त नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है.
हॉस्टल की वो आखिरी रात: क्या हुआ था उस वक्त?
ASP सदर अभिनव कुमार ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा 5 जनवरी को ही अपने घर से लौटकर हॉस्टल आई थी. 6 जनवरी की रात उसने अन्य छात्राओं के साथ सामान्य रूप से खाना खाया और अपने कमरे में चली गई. लेकिन अगली सुबह और फिर देर रात तक जब उसके कमरे में कोई हलचल नहीं हुई, तो संदेह गहराया. दरवाजा तोड़ने पर वह अचेत अवस्था में मिली, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.
अवेयर मीडिया नेटवर्क
अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक पड़ताल की. पुलिस के अनुसार, स्त्री रोग विशेषज्ञों (गायनेकोलॉजिस्ट) द्वारा की गई शुरुआती जांच में छात्रा के शरीर के नाजुक हिस्सों पर किसी तरह के जख्म या बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं. हालांकि, मौत की असली वजह अभी भी पहेली बनी हुई है.
मोबाइल और कमरे से मिले ‘खौफनाक’ सुराग
जांच के दौरान पुलिस को छात्रा के कमरे से नींद की गोलियां बरामद हुई हैं. वहीं, जब उसके मोबाइल की तकनीकी जांच की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छात्रा ने इंटरनेट पर नींद की गोलियों के ओवरडोज से मौत और इससे जुड़ी अन्य सामग्रियों को सर्च किया था. यह डिजिटल सबूत मामले को आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
ASP अभिनव कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को ये दवाएं कहां से मिलीं और क्या वह पहले से ही तनाव में थी. गोलियां किसी डॉक्टर के पर्चे पर ली गई थीं या अवैध रूप से, इसकी भी गहन जांच जारी है. फिलहाल, पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा. न्याय की आस में बिलखते परिजनों के बीच पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है.
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