शांति और सद्भाव की नई सुबह का संदेश लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मणिपुर का दौरा किया। इंफाल पहुंचने से पहले उन्होंने चुराचांदपुर का दौरा किया, जहां विभिन्न जातीय समूहों से गहन संवाद किया।
उन्होंने सभी से हिंसा का मार्ग छोड़कर राज्य में अमन-चैन बहाल करने की अपील करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में आशा और विश्वास का एक नया सवेरा फूट रहा है। मई 2023 में जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री का यह पहला मणिपुर दौरा है, जिसने मैतेई और कुकी समुदायों के बीच एक गहरा घाव छोड़ दिया है। इस अशांत दौर ने मणिपुर की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, सामाजिक ताने-बाने को बिखेरा है और राजनीतिक स्थिरता को भी चुनौती दी है।
चुराचांदपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत अभूतपूर्व उत्साह और गर्मजोशी से किया गया। स्थानीय लोग अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करते हुए पारंपरिक नृत्यों के साथ उनका अभिनंदन करने के लिए उत्सुक थे। दरअसल, 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के अवसर पर, राज्य के नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक नृत्यों के साथ स्वागत किया। एक नृत्य कलाकार ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि मोदी सरकार राज्य में विकास की नई धारा बहाएगी।
एक अन्य कलाकार ने, खुशी व्यक्त करते हुए कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने और अपना पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करने आए हैं। हम बहुत खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी भविष्य में भी राज्य में और अधिक विकास लाएँगे।’ एएनआई से बात करते हुए, एक और नृत्य कलाकार ने अपने उत्साह को दोहराया, ‘हम बेहद उत्साहित हैं क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री यहाँ आ रहे हैं, और उनके सामने प्रस्तुति देने के लिए हम बहुत खुश हैं। हम बहुत खुश हैं।’
एक महिला कलाकार ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री के चुराचांदपुर आने से बहुत उत्साहित हूँ, और मुझे उम्मीद है कि वह राज्य में शांति और सद्भाव लाएँगे। हम उनके लिए एक पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करने जा रहे हैं।’ शांति और विकास के इस दोहरे उद्देश्य को साकार करते हुए, अपनी सरकार के समावेशी और सतत विकास के एजेंडे के तहत, प्रधानमंत्री मोदी ने 3,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली मणिपुर शहरी सड़क और जल निकासी तथा परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (एमआईएनडी) परियोजना और राज्य भर में नौ स्थानों पर कामकाजी महिला छात्रावासों की भी आधारशिला रखी।
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