जयपुर. राज्य की भजनलाल सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसला लिया है. सीएम कार्यालय में भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने अब अचल संपत्ति की बिक्री से संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसे विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा. इस विधेयक के तहत अशांत या अशांत माने जाने वाले क्षेत्रों में अचल संपत्तियों की बिक्री के संबंध में राज्य सरकार द्वारा एक कानून बनाया जाएगा।
कैबिनेट में लिए गए इस फैसले की जानकारी संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोगाराम ने कहा कि राज्य कैबिनेट ने राजस्थान अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक और अशांत क्षेत्रों में परिसर से किरायेदारों की बेदखली से संरक्षण के प्रावधान विधेयक, 2026 के मसौदे को मंजूरी दे दी है।
इस कानून का उल्लंघन करने पर 3 से 5 साल तक की सजा हो सकती है. यह गैर जमानती अपराध माना जाएगा. मंत्री ने कहा कि अगर किसी क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है तो यह अवधि 3 साल के लिए लागू होगी. हालांकि समीक्षा के मुताबिक इसे तीन साल से पहले भी खत्म किया जा सकता है. यदि आवश्यक हुआ तो इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।
अचल संपत्ति का हस्तांतरण अमान्य माना जाएगा
जोगाराम पटेल ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन की स्थिति लोक व्यवस्था, समरसता तथा सौहार्दपूर्वक रहने के सामुदायिक चरित्र को प्रभावित करती है। जब ऐसे क्षेत्रों में दंगों और भीड़ की हिंसा के कारण अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उस क्षेत्र के स्थायी निवासियों को अपनी स्थायी संपत्ति कम कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे किसी विशेष क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित करने के बाद सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वहां की अचल संपत्ति का हस्तांतरण अवैध और शून्य माना जाएगा।
पीसी:डीआईपीआर.राजस्थान
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