दिल्ली के दिल में दहशत: लाल किला विस्फोट के बाद बाजारों में पसरा सन्नाटा, व्यापार पर गहरा असर
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का वाणिज्यिक हृदय, लाल किला के पास हुए भीषण विस्फोट ने शहर के प्रमुख बाजारों में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। सोमवार शाम हुए इस आतंकी घटना ने न केवल 13 कीमती जानें लीं, बल्कि सदियों से गुलजार रहने वाले सदर बाजार और चांदनी चौक जैसे थोक व्यापार केन्द्रों की रौनक भी छीन ली है। त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम की बहार की जगह अब सन्नाटा और खामोशी पसरी हुई है।
ऑनलाइन की ओर बढ़ता रुझान, व्यक्तिगत खरीदारी पर ग्रहण
विस्फोट के बाद से, ग्राहकों का बाजार में व्यक्तिगत रूप से आना कम हो गया है। डर के साये में जी रहे लोग अब ऑनलाइन ऑर्डर को प्राथमिकता दे रहे हैं। सदर बाजार, जो आमतौर पर दूसरे राज्यों से आए व्यापारियों का अड्डा होता है, अब सूना पड़ा है। सदर बाजार संघ के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने बताया, “यह हमारा सबसे व्यस्त समय होता है, लेकिन अब अधिकांश व्यापारी ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में आने वाले लोगों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट आई है।” सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, स्थानीय पुलिस और सदर बाजार संघ मिलकर बाजार में कार्यरत सभी कर्मचारियों का सत्यापन कर रहे हैं।
चांदनी चौक में अनिश्चितता का माहौल, “एक महीना लगेगा हालात सामान्य होने में”
चांदनी चौक व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय भार्गव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “इलाके की गति पूरी तरह थम गई है। बाजार में बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं।” उन्होंने माना कि ग्राहक और व्यापारी दोनों ही अभी भी भयभीत हैं। भार्गव के अनुसार, “हालात सामान्य होने में कम से कम एक महीना लगेगा। कई ग्राहक बाजार आने से हिचक रहे हैं और कुछ दुकानदार, जिनकी दुकानें विस्फोट स्थल के पास हैं, अब भी अपनी दुकानें खोलने से डर रहे हैं।”
सरोजिनी नगर में सामान्य स्थिति, लाजपत राय मार्केट में सन्नाटा
हालांकि, सरोजिनी नगर का बाजार इस दहशत से अप्रभावित दिख रहा है। बाजार संघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने बताया, “कल शाम को भी अच्छी संख्या में ग्राहक आए। मंगलवार को बाजार में सन्नाटा था, लेकिन बुधवार तक भीड़ सामान्य हो गई।” वहीं, इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए प्रसिद्ध लाजपत राय मार्केट, जो चांदनी चौक के पास स्थित है, लगभग पूरी तरह बंद है। संकरी गलियां, जो कभी खरीदारों और कुलियों से भरी रहती थीं, अब वीरान पड़ी हैं। एक दुकानदार सुभाष राय ने कहा, “हमारी दुकान पिछले दो दिनों से बंद है। इस घटना ने न केवल हमारी आजीविका को प्रभावित किया है, बल्कि यह भय भी पैदा कर दिया है कि कभी भी कुछ भी हो सकता है।”
जांच जारी, भविष्य पर सवालिया निशान
सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस भीषण विस्फोट ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और मलबा चारों ओर बिखर गया। घटना के दो दिन बाद, केंद्र सरकार ने इसे आतंकी घटना करार दिया है और एनआईए, दिल्ली पुलिस समेत कई एजेंसियां गहन जांच में जुटी हुई हैं। लेकिन इस घटना के बाद से पैदा हुई अनिश्चितता और भय ने दिल्ली के बाजारों की रंगत फीकी कर दी है, और व्यापार जगत भविष्य को लेकर सवालों के घेरे में है।
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