आग की लपटों के बीच जज़्बातों का सैलाब: अस्पताल में अफरा-तफरी और अपनों का दर्द
जब आग ने घेरा तो अस्पताल के गलियारों में बिखरी चीखें, कोई भागा, तो किसी ने दिखाई बहादुरी!
एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, आग लगने की खबर फैलते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। अफरातफरी का माहौल ऐसा था कि कुछ स्टाफ सदस्य भी अपनी जान बचाने की जुगत में भागने लगे। वहीं, दूसरी ओर, अस्पताल के लिफ्टमैन की मानें तो स्थिति मिली-जुली थी। कुछ स्टाफ ने आग पर काबू पाने की कोशिशों में अपनी जान जोखिम में डाली, तो वहीं कुछ ने मरीजों की जान बचाना अपनी प्राथमिकता बनाया। उन्होंने आगे बताया, “जब तक आग विकराल रूप धारण करती, तब तक अधिकांश मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। मेरा मानना है कि धुएं के कारण दम घुटने से ही जान गई होगी।”
अपनों को खोने का गम: इलाज के बीच मौत का साया और उम्मीदों का टूटना!
इस दिल दहला देने वाली घटना में अपनी माँ को खोने वाले नरेंद्र की आँखों से आँसू थम नहीं रहे थे। उन्होंने बताया, “मेरी माँ की तबियत सुधर रही थी, और उन्हें दोपहर में ही सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया जाना था। शिफ्टिंग से ठीक पहले यह भयानक हादसा हुआ और मेरी माँ हमें छोड़कर चली गईं।”
एक और शख्स की आपबीती रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। उन्होंने बताया, “मेरी भाभी दो हफ्तों से अस्पताल में भर्ती थीं। आग लगने की खबर मिलते ही मेरा भतीजा उन्हें बचाने दौड़ा। लेकिन धुएं के घनघोर गुबार में उसकी हालत बिगड़ गई। वह अपनी भाभी को बचा नहीं सका, और अब वह खुद सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहा है।” यह हृदय विदारक घटना अपनों को खोने के दर्द और बेबसी की एक कड़वी दास्तां बयां करती है।
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