कर्मचारियों की संख्या को लेकर छिड़ा घमासान: क्या यह छंटनी को छिपाने का प्रयास है?
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के प्रदर्शन सुधार और ‘बेंच’ (ऐसे कर्मचारी जो फिलहाल किसी प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर रहे) नीतियों के तहत हुई छंटनी पर अब सवाल उठने लगे हैं। कंपनी ने स्वीकार किया है कि इन प्रयासों के चलते “अनैच्छिक रूप से कर्मचारियों की छंटनी हुई है।” हालांकि, कंपनी के मुताबिक, नई नियुक्तियों के साथ दूसरी तिमाही में कुल कर्मचारियों की संख्या 5,93,314 है।
लेकिन, नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES) इस दावे पर आपत्ति जता रहा है। NITES का कहना है कि कंपनी के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचना और वित्तीय खुलासे में दी गई जानकारी सच्चाई को उजागर करती है, जो TCS के दावों से मेल नहीं खाती।
NITES ने जोर देकर कहा, “यह कोई मामूली अंतर नहीं है। लगभग 8,000 कर्मचारी नौकरी से नदारद हैं। यह TCS द्वारा स्वीकार किए गए कर्मचारियों की संख्या से भी अधिक है।”
कर्मचारी संघ ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा, “TCS जैसी विशालकाय कंपनी के लिए, इस तरह की भ्रामक जानकारी को एक साधारण गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” NITES का आरोप है कि यह “छंटनी के वास्तविक पैमाने को कम करके दिखाने और नियामकों, नीति निर्माताओं और आम जनता को गुमराह करने की एक जानबूझकर की गई कोशिश प्रतीत होती है।”
यह मामला अब कर्मचारियों की संख्या में विसंगति और छंटनी के प्रबंधन को लेकर एक बड़े विवाद का रूप ले रहा है, जिसमें NITES, TCS पर पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल उठा रहा है।
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