जयपुर. राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है. डोटासरा ने आज एक्स के माध्यम से कहा कि गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और निष्क्रियता के कारण राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था गर्त में जा रही है. भाजपा सरकार के पास शिक्षा सुधार के लिए न तो कोई ठोस योजना है और न ही कोई स्पष्ट मंशा।
शिक्षा विभाग अब तक 3801 उप प्राचार्यों की प्रोन्नति और पदस्थापन के लिए काउंसिलिंग पांच बार स्थगित कर चुका है, जबकि नया सत्र शुरू होने वाला है. हैरानी की बात यह है कि सितंबर 2025 में 11,822 लेक्चरर्स को वाइस प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन देने के बावजूद सरकार आज तक उनकी पोस्टिंग नहीं कर पाई है. नतीजा यह है कि कुछ जगहों पर एक ही स्कूल में 3 से 4 उप-प्रिंसिपल बैठे हैं, तो कुछ जगहों पर कोर्ट स्टे और अव्यवस्थित ट्रांसफर के कारण 2-2 प्रिंसिपल एक ही संस्थान में जमे हुए हैं, जबकि राज्य के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है.
डोटासरा ने कहा कि इतना ही नहीं हालात इतने खराब हैं कि विभाग में वर्षों से डीपीसी लंबित हैं. तृतीय श्रेणी से वरिष्ठ अध्यापक तक की 5 डीपीसी, वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता तक की 3 डीपीसी, व्याख्याताओं की अगली पदोन्नति (सत्र 2025-26 से) लंबित, उप प्राचार्य से प्राचार्य तक की डीपीसी लंबित, साथ ही शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रबोधक की कुल 4 डीपीसी लंबित है। समसा में साक्षात्कार आधारित पोस्टिंग भी अधर में लटकी हुई है।
पीसी:एप्लाइव
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