जयपुर. प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे भजनलाल सरकार के लिए बड़ा झटका बताया है.
पूर्व सीएम गहलोत ने संबंध के माध्यम से कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव से लगातार भाग रही बीजेपी सरकार को आज हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है और चुनाव कराने का उसका कोई भी हथकंडा काम नहीं आया. 31 जुलाई 2026 तक चुनाव कराने का हाई कोर्ट का फैसला लोकतंत्र के हित में है और सरकार के लिए बड़ी हार है.
अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार ने चुनाव न कराने के लिए बेहद बचकाने बहाने बनाए, कभी भीषण गर्मी, कभी स्कूलों में नया सत्र, कभी बारिश को कारण बताया गया. इससे पहले भी कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का आदेश दिया था, लेकिन इस संविधान विरोधी सरकार ने कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया. खैर, अब उनके बचने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं और उन्हें जनता का सामना करना पड़ेगा। राजस्थान की जनता इस सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार, लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए करारा जवाब देने का इंतजार कर रही है।
इस फैसले से भाजपा सरकार की अलोकतांत्रिक मानसिकता पूरी तरह उजागर हो गई: जूली
इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ईमेल के जरिये कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में 31 जुलाई तक पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव कराने का आदेश स्वागत योग्य है. यह लोकतंत्र के संघर्ष और कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक जीत है। इस फैसले से भाजपा सरकार की अलोकतांत्रिक मानसिकता पूरी तरह उजागर हो गई है। सरकार जनता के बीच जाने से बचने के लिए लगातार चुनाव टालने की साजिश कर रही थी, क्योंकि वह अपने कुशासन का जवाब देने को तैयार थी. लेकिन कोर्ट के इस फैसले ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया, ये राज्य की जनता की जीत है.
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