धोखा, साजिश और अनसुलझा रहस्य: जुबिन गर्ग की मौत की उलझी गुत्थी
बुधवार को दिल्ली से जुबिन गर्ग के प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा और संगीत महोत्सव के आयोजक श्यामकानु महंत की गिरफ्तारी ने असम समेत पूरे पूर्वोत्तर भारत को हिलाकर रख दिया है। हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए इन दोनों पर जुबिन गर्ग को धोखे से सिंगापुर ले जाकर उनकी जान लेने की खौफनाक साजिश रचने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों ने गर्ग की मृत्यु के दिन के कुछ वीडियो फुटेज, फोन रिकॉर्ड्स और ईमेल्स को कब्जे में लिया है, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। साथ ही, जहाज पर मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है, ताकि मौत के पीछे के अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठ सके।
जुबिन गर्ग की आकस्मिक मृत्यु ने न केवल एक प्रतिभाशाली गायक और संगीतकार को खो दिया, बल्कि एक ऐसे मुखर सामाजिक कार्यकर्ता को भी खो दिया, जो युवाओं के बीच अपनी बेबाक आवाज़ के लिए जाने जाते थे। उनके अनगिनत चाहने वाले इस हृदयविदारक घटना की निष्पक्ष और कड़ी जांच की मांग कर रहे हैं। CID की टीम अब इस गंभीर सवाल का जवाब खोजने में जुटी है कि क्या यह एक सुनियोजित हत्या थी या महज़ एक दुखद दुर्घटना। इस बीच, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं, जो इस अनसुलझी गुत्थी को और गहरा कर सकती हैं।
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