सावधान! बंगाल की खाड़ी से उठा ‘चक्रवात अर्नाब’ कितना घातक? झारखंड समेत इन राज्यों में मंडराया तबाही का खतरा।

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Cyclone Arnab Explainer: बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवाती तूफान कितना खतरनाक? झारखंड सहित इन राज्यों में मंडरा रहा खतरा

चक्रवात ‘अरनब’ का अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण तूफान, जानें किन राज्यों में बरपेगा इसका कहर!

समंदर की लहरों में हलचल तेज हो गई है और एक बड़ा खतरा भारत के तटीय राज्यों की ओर बढ़ रहा है। चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के असर से ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आखिर यह तूफान कितना खतरनाक है, इसका लैंडफॉल कहां होगा और कौन-कौन से राज्य इसकी जद में आएंगे? आइए समझते हैं इस चक्रवात का पूरा गणित।

डिप्रेशन से ‘महातूफान’ का सफर: कैसे बदलेगी इसकी रफ्तार?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्वी-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन 25 अक्टूबर को और अधिक शक्तिशाली होकर ‘डीप डिप्रेशन’ में तब्दील हो चुका है। यह सिस्टम फिलहाल दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

पूर्वानुमान है कि 26 अक्टूबर की सुबह तक यह एक चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। इसके बाद इसकी ताकत और बढ़ेगी और 27 अक्टूबर की सुबह तक यह ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ में बदल सकता है। आशंका यह भी है कि यह और अधिक मजबूत होकर ‘बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान’ का विकराल रूप धारण कर ले।

कितनी तबाही ला सकता है ‘अरनब’?

इस तूफान की भयावहता का अंदाजा इसकी रफ्तार से लगाया जा सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 28 अक्टूबर को जब यह आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, तब हवाओं की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है। वहीं, हवा के झोंके (Gusting) 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। इतनी प्रचंड हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने का गंभीर खतरा है। हालांकि, वास्तविक तबाही का मंजर तूफान के सटीक रास्ते और उसकी अंतिम तीव्रता पर निर्भर करेगा।

लैंडफॉल का काउंटडाउन: कब और कहां टकराएगा तूफान?

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 28 अक्टूबर की सुबह यह तूफान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के बेहद करीब होगा। इसके 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार करने की प्रबल संभावना है, विशेषकर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच इसका लैंडफॉल हो सकता है।

इन राज्यों पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा:

  • आंध्र प्रदेश: 27 और 28 अक्टूबर को यहां ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का रेड अलर्ट है। तटीय इलाकों में समुद्री लहरों और तूफानी हवाओं का तांडव दिख सकता है।
  • ओडिशा: यहां 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 27 से 30 अक्टूबर के बीच पूरे राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा।
  • तेलंगाना: 28 अक्टूबर को यहां मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है। 28-29 अक्टूबर को अधिकांश इलाकों में मेघ बरसेंगे।
  • छत्तीसगढ़: दक्षिण छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर और उत्तर छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
  • पश्चिम बंगाल: गंगीय पश्चिम बंगाल में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
  • झारखंड और मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में इसका व्यापक असर दिखेगा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद के अनुसार, 27 अक्टूबर को बादल छाए रहेंगे और कई हिस्सों में वज्रपात के साथ बारिश होगी। 28 अक्टूबर को तूफान का असर पूरे राज्य में दिखेगा, जिससे रांची समेत सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

तूफान की बदलती स्थिति को देखते हुए प्रभावित राज्यों में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।


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