
# कुलगाम में खून-खराबा: फारुक अब्दुल्ला का केंद्र पर तीखा हमला, पूछा- ‘आतंक खत्म तो ये कातिल कौन?’
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो मासूम प्रवासी मजदूरों की निर्मम हत्या ने सियासी गलियारों में उबाल ला दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने इस कायराना हरकत पर गहरा रोष जताते हुए निष्पक्ष जांच की आवाज उठाई है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार के उस दावे को कठघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें घाटी से आतंकवाद के सफाए की बात कही जाती रही है। अब्दुल्ला ने सवाल दागा कि आखिर ‘अमन’ के दावों के बीच ये गोलियां कौन चला रहा है?
घाटी में बीते 10 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी वारदात है। पहले अनंतनाग में एक जांबाज हेड कांस्टेबल का खून बहा और अब कुलगाम में दो रोजी-रोटी कमाने आए मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया गया। फारुक अब्दुल्ला ने तल्ख लहजे में कहा, “हाल ही में एक पुलिस कांस्टेबल और दो प्रवासी मजदूरों की हत्या हुई। अगर आतंकवाद खत्म हो गया है, तो ये हमलावर कौन हैं? जब पूरी सीमा सुरक्षित होने का दावा किया जाता है, तो ये लोग कहां से आ रहे हैं? 2019 के बाद कहा गया था कि हालात बदल जाएंगे, लेकिन क्या हकीकत में ऐसा हुआ? हम सिर्फ अपने अधिकारों और सम्मान की बहाली चाहते हैं।”
## राज्य का दर्जा बहाली और साजिश का संयोग
अब्दुल्ला ने एक और गंभीर पहलू की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब भी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग जोर पकड़ती है, ठीक उसी वक्त ऐसी खूनी वारदातें सामने आने लगती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस हमले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि इन हत्याओं के पीछे असली चेहरे किसके हैं।
## कुलगाम में क्या हुआ था?
शुक्रवार (31 जुलाई) को कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में एक ईंट-भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के दो मजदूर, दीपक और भूपिंदर कुमार, मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। तभी आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस हमले में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भूपिंदर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
## TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस कायराना हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मुखौटा माना जाता है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों को पकड़ने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
## बारामूला में आतंकी साजिश नाकाम, मददगार गिरफ्तार
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बीच बारामूला पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने घेराबंदी के दौरान ऐजाज अहमद गनाई नाम के एक संदिग्ध आतंकी मददगार को दबोचा है। पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने उसे शीरी इलाके के गोरीवान में एक चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान पकड़ा। तलाशी में उसके पास से एक पिस्तौल, 9 मिमी के 10 जिंदा कारतूस, एक मैगजीन और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिससे बड़े खुलासे की उम्मीद है।
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The post कुलगाम आतंकी हमला: मजदूरों की हत्या पर भड़के फारुक अब्दुल्ला, कहा- आतंकवाद खत्म हुआ तो मारने वाले कौन? appeared first on Aware Media.
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