MEA के बयान से मची हलचल: पासपोर्ट नहीं तो क्या? जानें आखिर कैसे साबित होती है भारतीय नागरिकता।

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
MEA के बयान से छिड़ी बहस, आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे होती है?

बड़ी बहस: क्या पासपोर्ट भी नहीं है नागरिकता का अंतिम प्रमाण? विदेश मंत्रालय के बयान से मची हलचल

पासपोर्ट महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सात समंदर पार एक भारतीय की पहचान और संकट के समय दूतावास से मदद पाने की गारंटी है। लेकिन हाल ही में विदेश मंत्रालय के एक चौंकाने वाले बयान ने इस भरोसे को हिला दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पासपोर्ट को भारतीय नागरिकता का ‘अंतिम और निर्णायक प्रमाण’ नहीं माना जा सकता। इस खुलासे के बाद अब यह सवाल तेजी से हवा पकड़ रहा है कि अगर पासपोर्ट जैसा महत्वपूर्ण दस्तावेज भी नागरिकता की पुष्टि नहीं करता, तो आखिर वो कौन सा कागज है जो कानूनी रूप से हमें पक्का भारतीय साबित करेगा? मतदाता सूची संशोधन और नागरिकता जांच के मौजूदा दौर में यह उलझन और भी गहरी हो गई है।

यह बयान लोगों को दुविधा में डाल रहा है, क्योंकि पूरा ‘पासपोर्ट अधिनियम, 1967’ इसी सिद्धांत पर टिका है कि पासपोर्ट धारक एक भारतीय नागरिक है। नियम तो यह कहता है कि किसी भी गैर-भारतीय को पासपोर्ट जारी ही नहीं किया जा सकता और इसे देने से पहले अधिकारी दस्तावेजों की सघन जांच करते हैं। यानी, जब सरकार किसी के नाम पासपोर्ट जारी करती है, तो वह एक तरह से उसकी नागरिकता पर अपनी मोहर लगा रही होती है। ऐसे में मंत्रालय का यह नया रुख कानूनी पेचीदगियों की ओर इशारा करता है।

यह भी पढ़ें : बिहार में फर्जी दस्तावेज पर बन गये सैकड़ों पासपोर्ट, बड़े रैकेट का खुलासा

कानून की बारीकियों को देखें तो पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलता है और इसके लिए बाकायदा पुलिस वेरिफिकेशन की सख्त प्रक्रिया अपनाई जाती है। बावजूद इसके, विदेश मंत्रालय इसे ‘अंतिम सबूत’ मानने से इसलिए हिचकिचा रहा है क्योंकि इसके पीछे एक कानूनी सुरक्षा कवच है। मंत्रालय का तर्क है कि अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर या धोखाधड़ी से पासपोर्ट हासिल कर लेता है, तो सरकार के पास उसे किसी भी वक्त रद्द या जब्त करने का अधिकार सुरक्षित रहता है। इसी तकनीकी कारण से इसे नागरिकता का ‘निर्णायक’ साक्ष्य नहीं माना जा रहा है।

The post MEA के बयान से छिड़ी बहस, आखिर भारतीय नागरिकता साबित कैसे होती है? appeared first on Aware Media.


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version