व्हाइट हाउस के बाहर गूंजी गोलियां: खुद को ‘जीसस’ मानने वाले युवक ने मचाया तांडव, सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में ढेर
White House Shooter: अमेरिका के सबसे सुरक्षित ठिकाने, व्हाइट हाउस के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 21 वर्षीय युवक ने सीक्रेट सर्विस चेकपॉइंट पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. हमलावर की पहचान नसीर बेस्ट के रूप में हुई है. न्यूयॉर्क पोस्ट की सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, नसीर कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से अस्थिर था और उसका दावा था कि वह ‘आधुनिक युग का यीशु मसीह’ (Jesus Christ) है. वह अक्सर व्हाइट हाउस के प्रवेश द्वारों पर संदिग्ध रूप से मंडराता देखा जाता था, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उस पर नजर रखे हुए थीं.
अदालती दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि नसीर बेस्ट को पहले ही व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने का सख्त आदेश दिया गया था. लेकिन, जुनून की हद पार कर चुके नसीर ने इस आदेश की धज्जियां उड़ा दीं. भारतीय समयानुसार 24 मई को, सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद जवानों ने उसे एक चेकपॉइंट के पास बेहद असामान्य व्यवहार करते हुए पकड़ा. उसकी संदिग्ध हरकतों ने सुरक्षाकर्मियों को चौकन्ना कर दिया था.
पलक झपकते ही शुरू हुआ खूनी खेल
अमेरिकी मीडिया हाउस सीबीएस न्यूज और सीक्रेट सर्विस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह खौफनाक मंजर शनिवार की शाम (अमेरिकी समय) करीब 6.10 बजे देखने को मिला. 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के व्यस्त इलाके में नसीर ने अचानक अपने बैग से हथियार निकाला और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इससे पहले कि वह कोई बड़ा अनर्थ करता, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने जवाबी मोर्चा संभाला. सुरक्षाकर्मियों की गोली लगने से नसीर गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया.
क्रॉसफायर की चपेट में आया निर्दोष राहगीर
इस हिंसक झड़प के बीच वहां से गुजर रहा एक राहगीर भी गोली लगने से घायल हो गया. हालांकि, अभी तक यह रहस्य बना हुआ है कि उसे लगी गोली हमलावर की थी या सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा थी. घायल की स्थिति और पहचान को लेकर फिलहाल गोपनीयता बरती जा रही है.
अजीबोगरीब दावा: ‘मैं गिरफ्तार होना चाहता हूं’
अदालती रिकॉर्ड्स के अनुसार, नसीर बेस्ट का मानसिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ा हुआ था. उसने दावा किया था कि वह साक्षात ‘जीसस’ है और वह जानबूझकर गिरफ्तार होना चाहता था. गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के आसपास सुरक्षा उल्लंघन की यह एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी घटना है. इससे पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर और जुलाई 2024 की चुनावी रैली में भी ट्रंप पर जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं, जिसमें एक बार गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी.
सुरक्षित हैं राष्ट्रपति ट्रंप
जिस वक्त बाहर गोलियां चल रही थीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर अपने आधिकारिक कार्यों में व्यस्त थे. सीक्रेट सर्विस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से राष्ट्रपति की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी और न ही उनके कामकाज में कोई बाधा आई. फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि इस हमले के पीछे के किसी भी संभावित बड़े षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जा सके.
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