Sirohi News: सिरोही में तिरंगा यात्रा के बीच ट्रैफिक नियमों पर सवाल, बिना हेलमेट नजर आए नेताओं की तस्वीरों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

By
PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
- Editor
5 Min Read
Sirohi News: सिरोही में तिरंगा यात्रा के बीच ट्रैफिक नियमों पर सवाल, बिना हेलमेट नजर आए नेताओं की तस्वीरों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

Sirohi News: सिरोही में हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली वाहन रैली ने देशभक्ति का संदेश दिया, लेकिन इसी दौरान सामने आई कुछ तस्वीरों और वीडियो ने ट्रैफिक नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए। अब चर्चा इस बात की है कि कानून नेताओं और आम नागरिकों के लिए बराबर है या नहीं।

रामझरोखा से शहीद स्मारक तक निकली तिरंगा रैली

हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजेपी ने सिरोही शहर में भव्य तिरंगा वाहन रैली निकाली। रामझरोखा से शुरू हुई यह यात्रा शहर के अलग-अलग मार्गों से होते हुए शहीद स्मारक पहुंची। यहां देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा था और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के नारों से शहर गूंज उठा।

मंत्री और बीजेपी पदाधिकारी हुए शामिल

रैली में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। जिला महामंत्री एवं तिरंगा यात्रा संयोजक गणपत सिंह राठौड़ के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बीजेपी की ओर से इसे राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला कार्यक्रम बताया गया।

बिना हेलमेट नजर आए नेताओं की तस्वीरों पर सवाल

रैली के दौरान सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने अब एक अलग बहस छेड़ दी है। आरोप है कि कुछ बीजेपी नेता और जनप्रतिनिधि दुपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट नजर आए। सिरोही प्रधान हंसमुख कुमार भी बिना हेलमेट वाहन चलाते दिखाई दिए। वहीं, राज्यमंत्री ओटाराम देवासी दुपहिया वाहन पर पीछे खड़े होकर तिरंगा लहराते नजर आए।

यदि तस्वीरों और वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति सही है, तो यह यातायात सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर तब, जब वाहन रैली के दौरान सड़क पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही मौजूद थी।

आम लोगों के चालान, नेताओं पर कार्रवाई कब?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल कानून के समान पालन को लेकर है। आम वाहन चालकों से हेलमेट नियम का पालन कराने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई करती है। ऐसे में यदि किसी राजनीतिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि ही नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं, तो लोगों का सवाल उठाना स्वाभाविक है।

पुलिस की मौजूदगी में यदि ऐसी स्थिति बनी, तो यह भी जानना जरूरी होगा कि प्रशासन ने इसे संज्ञान में लिया या नहीं और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ, तो कोई कार्रवाई की गई या नहीं।

देशभक्ति के संदेश के साथ अनुशासन की कसौटी

राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने तिरंगे को देश की आन-बान-शान बताते हुए हर घर तिरंगा अभियान को राष्ट्रभक्ति की भावना जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बताया। बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी ने भी यात्रा को देश के स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।

लेकिन देशभक्ति का संदेश तभी मजबूत होता है, जब उसके साथ कानून और अनुशासन का पालन भी दिखाई दे। सड़क सुरक्षा के नियम किसी राजनीतिक दल या पद के आधार पर अलग नहीं हो सकते।

अब प्रशासन के जवाब का इंतजार

तिरंगा यात्रा के दौरान कांग्रेस पर लगाए गए राजनीतिक आरोप और विकास कार्यों के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन ट्रैफिक नियमों से जुड़ा सवाल अलग और गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सार्वजनिक जीवन में नियमों और अनुशासन के पालन पर जोर देते रहे हैं। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी उसी जिम्मेदारी की अपेक्षा स्वाभाविक है।

तिरंगा देश के सम्मान और अनुशासन का प्रतीक है। इसलिए तिरंगा यात्रा की सबसे बड़ी सीख यही होनी चाहिए कि राष्ट्रभक्ति केवल नारों और झंडे तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क पर नियमों का पालन करने से लेकर सार्वजनिक जिम्मेदारी निभाने तक दिखाई दे। अब देखना यह है कि सिरोही में उठे इन सवालों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *