बलूच परिवारों की गुमशुदगी पर भड़का जेय सिंध फ्रीडम मूवमेंट, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग
जेय सिंध फ्रीडम मूवमेंट (JSFM) ने बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के अध्यक्ष डॉ. नसीम बलूच के परिजनों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने डॉ. बलूच के पिता मोहम्मद बख्श साजिदी, उनके चाचा नईम साजिदी और रफीक बलूच के कथित ‘जबरन लापता’ किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है।
बीती 2 फरवरी को बलूचिस्तान के हुब चौकी स्थित उनके आवास से पाकिस्तानी राज्य सुरक्षा बलों द्वारा इन तीनों व्यक्तियों को कथित तौर पर अगवा कर लिया गया था। हफ्तों बीत जाने के बाद भी उनकी वर्तमान स्थिति, कानूनी स्थिति या उन पर लगे आरोपों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। JSFM के अध्यक्ष सोहेल अब्रो ने इस कठिन घड़ी में सिंधी राष्ट्र और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर से डॉ. नसीम बलूच के प्रति पूर्ण एकजुटता प्रकट की। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. बलूच एक शांतिप्रिय राजनीतिक नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं, जिनकी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में पूरी तरह वैध हैं।
इसे भी पढ़ें: Pakistan के हाथ से फिसल रहा Balochistan, शरीर से बम बाँधकर महिलाएं बन रहीं फिदाइन, पीछे हट रहे पाक सुरक्षाबल
अब्रो ने आरोप लगाया कि “शांतिपूर्ण राजनीतिक आवाजों को दबाने और डर का माहौल बनाने के लिए उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है, जो दमन के एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा है।” उन्होंने तीनों पीड़ितों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र (WGEID), मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच, और ब्रिटिश व यूरोपीय संसद जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से इस गंभीर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
इसे भी पढ़ें: पाकिस्तानी सेना के लिए काल बनी बलूच महिला फिदायीन, BLA ने जारी की तस्वीरें, बताया कैसे किया हमला
सिंधी राष्ट्रवाद और आत्मनिर्णय के सिद्धांतों पर आधारित JSFM की वैचारिक जड़ें दिग्गज सिंधी नेता जी.एम. सैयद द्वारा शुरू किए गए ‘सिंधूदेश आंदोलन’ से जुड़ी हैं। यह संगठन एक संप्रभु सिंधूदेश और सिंधियों के सांस्कृतिक व राजनीतिक अधिकारों के लिए निरंतर रैलियों और विरोध प्रदर्शनों के जरिए सक्रिय रहता है। पिछले कई वर्षों से JSFM ने पाकिस्तान में हाशिए पर रहने वाले समूहों, विशेषकर सिंधी और बलूच कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और मानवाधिकार रक्षकों के साथ हो रहे कथित मानवाधिकार हनन और जबरन गुमशुदगी के मुद्दों को वैश्विक मंचों पर प्रमुखता से उठाया है। आंदोलन का दावा है कि सुरक्षा बलों की इन कार्रवाइयों ने अनगिनत परिवारों को गहरे संकट और अनिश्चितता में धकेल दिया है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
