श्रीलंका के प्रतिष्ठित थिंक टैंक ‘ट्रिंको सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ (टीएसएसटी) को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में राशिद ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यूनुस भले ही हर चीज़ को ‘खूबसूरत’ करार दें, लेकिन मेरा मानना है कि यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास का सबसे वीभत्स चेहरा सामने लाएगा। यह कोई कोरी बयानबाजी नहीं है; यूनुस लंबे समय से अपनी नाकामियों को सुनहरे शब्दों में लपेटकर पेश करने में माहिर रहे हैं, मगर इस बार उनका बचना नामुमकिन है।”
उन्होंने दावा किया कि यह कोई लोकतांत्रिक चुनाव नहीं, बल्कि 2024 के उस “जिहादी गठबंधन” के दो धड़ों के बीच की वर्चस्व की जंग है, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किया था। उनके अनुसार, बांग्लादेश आज एक ऐसे मोड़ पर है जहां चुनावी मुकाबला महज एक दिखावा बनकर रह गया है।
राशिद ने तर्क दिया कि यह लड़ाई असल में एक तरफ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगियों, और दूसरी तरफ कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के मोर्चे के बीच छिड़ी है, जो सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण चाहते हैं।
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