मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: अबू धाबी पर मिसाइल हमले के बाद भारतीय दूतावास हाई अलर्ट पर, नागरिकों के लिए जारी की बड़ी एडवाइज़री
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइज़री जारी की है। यह कदम ईरान द्वारा यूएई की राजधानी पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों के कुछ ही घंटों बाद उठाया गया, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की जान चली गई। दूतावास ने मौजूदा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीयों को फिलहाल गैर-ज़रूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी है। दूतावास ने आश्वस्त किया है कि वह ज़मीनी हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए है और ज़रूरत पड़ने पर नए अपडेट जारी किए जाएंगे।
एडवाइज़री में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “इलाके के मौजूदा हालात के मद्देनज़र, यूएई में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सुझाव दिया जाता है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, पूरी तरह सतर्क रहें और यूएई अधिकारियों व दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।” किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर 800-46342 और +971543090571 भी साझा किए हैं।
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दरअसल, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों पर पलटवार करते हुए पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइलें दागकर सनसनी फैला दी है। अबू धाबी में हुए हमले के साथ-साथ ईरान ने दुबई को भी निशाने पर लिया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ को तुरंत खाली करा लिया गया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों की तीखी निंदा करते हुए कहा कि सेना ‘हाई अलर्ट’ पर है। मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि देश की सुरक्षा और स्थिरता में बाधा डालने वाली हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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यूएई रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, “यह हमला नागरिक सुविधाओं और राष्ट्रीय संस्थानों को निशाना बनाने वाली एक कायरतापूर्ण हरकत है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।” दूसरी तरफ, ईरान ने भी अमेरिका और इज़राइल को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह उनके ठिकानों को तब तक निशाना बनाता रहेगा जब तक वे हार नहीं मान लेते। ईरान ने साफ किया है कि उसके इरादों को हल्के में न लिया जाए। गौरतलब है कि अमेरिका और इज़राइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। हालांकि, ईरान का दावा है कि उसका परमाणु मिशन पूरी तरह शांतिपूर्ण और नागरिक इस्तेमाल के लिए है। दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक बातचीत फिलहाल बेनतीजा रही है क्योंकि कोई भी पक्ष अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
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