समुद्र में बढ़ता तनाव: ओमान के पास भारतीय जहाजों पर हमले से भड़का भारत, अमेरिकी राजनयिक को फिर किया तलब
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध की तपिश अब भारतीय समुद्री हितों तक पहुंच गई है। ओमान के तट पर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ नई दिल्ली ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। शुक्रवार को भारत ने महज 48 घंटों के भीतर दूसरी बार अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। मीक्स, जो नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन हैं, उन्हें विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) ने बुलाकर इस गंभीर स्थिति पर जवाब मांगा।
यह कूटनीतिक हलचल गुरुवार को ओमान के शिनास बंदरगाह के पास ‘MT जलवीर’ नामक मर्चेंट जहाज को निशाना बनाए जाने के बाद शुरू हुई। गिनी के झंडे वाले इस जहाज पर 20 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हमले के बाद सोशल मीडिया पर जहाज से उठते धुएं के वीडियो ने चिंता बढ़ा दी। फिलहाल ओमान में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
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गौरतलब है कि हाल के दिनों में भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की यह तीसरी घटना है। हमलों का सिलसिला 8 जून को ‘MT मैरिवेक्स’ से शुरू हुआ था, जिसमें आग लगने के बाद 24 भारतीय सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इसके बाद 10 जून को ओमान की खाड़ी में पलाऊ के झंडे वाले टैंकर ‘MT सेटेबेलो’ पर हमला हुआ। इस दुखद घटना में 21 क्रू सदस्यों को तो बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई।
केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए ‘X’ पर लिखा, “MT सेटेबेलो पर हुई यह घटना हमारे समुद्री समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। लापता तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं। मोदी सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।”
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि मध्य पूर्व के संघर्ष के बीच वाणिज्यिक जहाजों और बुनियादी ढांचे पर हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं। भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा के लिए समुद्री गलियारे (shipping lanes) पूरी तरह सुरक्षित और स्वतंत्र रहने चाहिए।
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