
US Midterm Elections: ताजा सर्वेक्षण के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी से भारतीय-अमेरिकियों की बढ़ती नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। ‘कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ और ‘यूगोव’ की ओर से किए गए ‘इंडियन अमेरिकन एटिट्यूड्स सर्वे’ (IAAS) के अनुसार, प्रतिनिधि सभा के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को रिपब्लिकन उम्मीदवारों के मुकाबले 43 प्रतिशत अंक की भारी बढ़त हासिल है।
सीनेट चुनाव में भी डेमोक्रेटिक पार्टी काफी आगे चल रही है। यहां 63 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की बात कही है, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में महज 21 प्रतिशत मतदाता ही खड़े नजर आए हैं।
आपको बता दें कि यह महत्वपूर्ण सर्वेक्षण 7 से 27 अक्टूबर के बीच 1,000 भारतीय-अमेरिकी वयस्कों के बीच ऑनलाइन कराया गया था। इसके इन नतीजों में 3.87 प्रतिशत की संभावित त्रुटि सीमा है।
ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी से बढ़ती नाराजगी
इस सर्वेक्षण के लेखक सुमित्रा बद्रीनाथन, देवेश कपूर, एनाबेल मिलर, एंडी रोबैना और मिलन वैष्णव ने सोमवार को प्रकाशित अपने लेख में बताया है कि मध्यावधि चुनाव से पहले आए ये आंकड़े ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के प्रति नाराजगी बढ़ने और डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थन में एक बार फिर जोरदार इजाफा होने का स्पष्ट संकेत देते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय-अमेरिकियों के बीच रिपब्लिकन पार्टी को जो बढ़त मिली थी, वह अब कांग्रेस चुनावों में उसके उम्मीदवारों के समर्थन में बिल्कुल भी नजर नहीं आ रही है।
याद दिला दें कि साल 2024 में 30 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था। हालांकि, प्रतिनिधि सभा के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को केवल 19 प्रतिशत वोट मिलने का ही अनुमान जताया गया है। वहीं दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी को दोनों ही सर्वेक्षणों में लगातार 62 प्रतिशत का मजबूत समर्थन मिला है।
बुजुर्ग पुरुष मतदाताओं में भी बदला रुझान
इस सर्वेक्षण में उम्र और लिंग के आधार पर भी मतदाताओं के राजनीतिक रुझान में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। आंकड़े बताते हैं कि 40 साल और इससे अधिक उम्र के पुरुषों में डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन जनवरी 2026 के 53 प्रतिशत से उछलकर अक्टूबर में 68 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
इसके बिल्कुल उलट, इसी आयु वर्ग में रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन 32 प्रतिशत से धड़ाम होकर महज 16 प्रतिशत पर सिमट कर रह गया है।
एक और सबसे अहम बात यह सामने आई है कि सर्वेक्षण में शामिल 46 प्रतिशत लोगों ने खुलकर खुद को डेमोक्रेट बताया, जबकि 62 प्रतिशत लोगों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को ही अपना वोट देने की प्रबल इच्छा जताई। इसका सीधा मतलब यह है कि पार्टी से अपनी औपचारिक पहचान नहीं रखने वाले कुछ तटस्थ मतदाता भी इसके उम्मीदवारों का भरपूर समर्थन कर सकते हैं।
कमला हैरिस के समर्थन से ट्रंप तक और फिर बदला रुझान
अगर राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 62 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस का साथ दिया था, जबकि 30 प्रतिशत ने ट्रंप के पक्ष में मतदान किया था।
इसके बाद, जनवरी 2026 तक आते-आते डेमोक्रेटिक पार्टी का यह समर्थन कुछ घटकर 57 प्रतिशत पर आ गया था। वहीं दूसरी ओर, ट्रंप के प्रति समर्थन जताने वाले भारतीय-अमेरिकियों की संख्या उस दौरान 25 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई थी।
लेकिन अब ताजा सर्वेक्षण में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में हवा का रुख फिर से बदलता और समर्थन तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। इन तमाम आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि 2024 में ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच जो शुरुआती बढ़त मिली थी, वह बिल्कुल भी स्थायी साबित नहीं हुई है और आने वाले कांग्रेस चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को इसका कोई भी फायदा मिलता हुआ नजर नहीं आ रहा है।
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