मिडिल ईस्ट में महायुद्ध: इजरायल और ईरान के बीच भीषण संघर्ष, स्कूल पर हमले में 40 छात्राओं की मौत से दहला तेहरान
शनिवार की सुबह मध्य-पूर्व में बारूद की गंध लेकर आई, जब इजरायली सेना ने तेहरान समेत ईरान के कई रणनीतिक शहरों पर जोरदार हमला बोल दिया। इस सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का ऐलान करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दाग दीं। ईरान के हमलों की जद में कुवैत, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात भी आए हैं, जहां दुबई जैसे व्यस्त शहर को भी निशाना बनाया गया है।
अमेरिका और इजरायल के इस संयुक्त सैन्य अभियान का सबसे भयावह चेहरा मिनाब शहर में देखने को मिला। यहाँ ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के मुताबिक, दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत के एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में 40 मासूम छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। फार्स न्यूज एजेंसी ने भी इस हृदयविदारक घटना की पुष्टि की है। दरअसल, मिनाब में ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) का एक बेस स्थित है, जिसे निशाना बनाने की कोशिश में यह तबाही मची।
ईरान के पलटवार के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सऊदी अरब ने बहरीन, कतर, कुवैत और यूएई पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सुरक्षा कारणों से गल्फ देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं और दुबई एयरपोर्ट समेत तमाम प्रमुख हवाई अड्डों से सभी उड़ानें अगली सूचना तक रद्द कर दी गई हैं।
इधर, इजरायल में भी युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने पूरे देश में ‘नेशनल इमरजेंसी’ घोषित कर दी है। ईरान की ओर से संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों के डर से इजरायल में स्कूल, दफ्तर और बाजार बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों के मरीजों को भूमिगत शेल्टरों में शिफ्ट किया जा रहा है और देशभर में सायरन की आवाजें गूंज रही हैं। पुलिस ने नागरिकों को घरों में रहने की सख्त हिदायत दी है ताकि सुरक्षा बल और एंबुलेंस बिना किसी बाधा के काम कर सकें। फिलहाल, पूरा क्षेत्र एक बड़े युद्ध की मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है।
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