पाकिस्तान की सैन्य टीम का ढाका दौरा: रक्षा सहयोग की नई राहें
ढाका में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ पाकिस्तान के सैन्य उत्पादन क्षेत्र की एक उच्च-स्तरीय टीम ने बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वक़ीर उज़ ज़मान से मुलाकात की। यह पिछले एक महीने में पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान का बांग्लादेश का दूसरा हाई-प्रोफाइल दौरा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पाकिस्तान की हेवी इंडस्ट्रीज तक्षशिला (HIT) के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल शाकिर उल्लाह खट्टक ने किया। सेना मुख्यालय में हुई इस शिष्टाचार भेंट के दौरान, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की विभिन्न संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बांग्लादेश सेना द्वारा जारी एक प्रेस बयान के अनुसार, आपसी अभिवादन के साथ-साथ, यह बैठक द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुई।
रक्षा क्षेत्र में पाकिस्तान की बढ़ती सक्रियता
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से, पाकिस्तान ने इस क्षेत्र में अपनी रक्षा उपस्थिति और प्रभाव तेज़ी से बढ़ाया है। हाल ही में, हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सला (HIT) ने बांग्लादेश की सेना के लिए 40 टैंकों के उन्नयन का प्रस्ताव दिया है। ये टैंक ‘हैदर’ मॉडल के तर्ज पर बनाए जाएंगे और इनमें 125 मिमी की नई गन, मजबूत कम्पोजिट आर्मर और उन्नत टारगेटिंग सिस्टम शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ‘अब्दाली’ बैलिस्टिक मिसाइल, जिसकी मारक क्षमता 450 किमी तक है, को भी बांग्लादेश को हस्तांतरित करने पर विचार कर रहा है।
सहयोग का विस्तार: टैंक अपग्रेड से मिसाइल तक
नवंबर 2025 में HIT के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल शाकिर उल्लाह खट्टक की ढाका यात्रा ने इस सहयोग को नई गति दी है। उन्होंने बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान के साथ टैंक अपग्रेड, आर्मर्ड व्हीकल्स और संयुक्त उत्पादन पर सार्थक बातचीत की। पाकिस्तान पहले से ही बांग्लादेश को गोला-बारूद, प्रशिक्षण और इंटर-सर्विस वर्कशॉप सपोर्ट प्रदान कर रहा है।
अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से ढाका की विदेश-रक्षा नीति में भारत के बजाय पाकिस्तान और चीन की ओर झुकाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में, बांग्लादेशी पायलटों को पाकिस्तान में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, और पाकिस्तानी मिलिट्री टेक्निकल टीमों ने ढाका में कई दौर की रणनीतिक बैठकें की हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान केवल रक्षा व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक बढ़त को संतुलित करने के उद्देश्य से भी अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।
लगातार हो रहे पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के दौरे
यह दौरा पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बांग्लादेश में बढ़ते दखल का एक और प्रमाण है। अक्टूबर 2024 में, पाकिस्तान के चेयरमैन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी जनरल साहिर शामशाद मिर्जा ने बांग्लादेश सेना प्रमुख से मुलाकात की थी, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर चर्चा हुई थी। इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2025 में लेफ्टिनेंट जनरल तबस्सुम हबीब, डीजी ज्वाइंट स्टाफ, चार दिवसीय दौरे पर ढाका पहुंचे थे।
नवंबर 2025 में, पाकिस्तानी युद्धपोत पीएनएस सैफ का चटगांव आगमन नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने का एक और उदाहरण है। पाकिस्तान की ISI, HIT और एयरोस्पेस टीमों ने भी ढाका में कई दौर की महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकें आयोजित की हैं। यह सक्रियता स्पष्ट रूप से दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य और रक्षा संबंधों को रेखांकित करती है।
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