भारतीय मूल की महिला ने पूछा ऐसा सवाल, अमेरिका की ‘धर्मनिरपेक्ष’ छवि पर उठा सवाल!
एक भारतीय मूल की महिला ने अपने तीखे सवालों से अमेरिका की जड़ों को हिला कर रख दिया है। ये महिला, जिसने एक समय पीएम मोदी का अपमान करने वाले अमेरिका को आईना दिखाया, उसने अपने एक ही सवाल से उतना नुकसान पहुंचा दिया, जितना शायद किसी देश के साथ जंग भी नहीं पहुंचा पाती। इस महिला ने, जो पीएम मोदी की आस्था और धर्म का मज़ाक उड़ाने वाले अमेरिका के असल चरित्र को दुनिया के सामने उजागर कर रही है, वह अमेरिकी ‘धर्मनिरपेक्षता’ की खोखली नींव पर प्रहार है।
कुछ समय पहले, ट्रेड डील पर भारत के सख्त रवैये से बौखलाए अमेरिका ने पीएम मोदी की पूजा करते हुए तस्वीर का मज़ाक उड़ाया था। इतना ही नहीं, अमेरिका ने यह भी कहा था कि भारत के ब्राह्मण रूसी तेल से मुनाफा कमा रहे हैं। ‘धर्मनिरपेक्षता’ का चोला ओढ़े अमेरिकी हमेशा से पीएम मोदी की आस्था पर सवाल उठाते आए हैं। लेकिन अब, इस महिला ने अमेरिका को उसके कर्मों का फल चखा दिया है। उसने एक झटके में अमेरिका की ‘धर्मनिरपेक्ष’ छवि को चकनाचूर कर दिया है।
जेडी वेंस के जवाब ने खड़ी कर दी बड़ी मुश्किल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भारतीय मूल की महिला ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से एक ऐसा सवाल पूछा, जिसका जवाब आज अमेरिका को बड़ी मुसीबत में डाल गया है। इस महिला का यह तीखा सवाल, जो अमेरिका के दोहरे मापदंडों को उजागर करता है, आपको वीडियो के अंत में सुनने को मिलेगा। लेकिन इससे पहले, इस पूरी कहानी को समझना ज़रूरी है।
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में प्रवासियों के साथ-साथ भारतीयों को भी निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिका में अचानक, ईसाई समाज को श्रेष्ठ मानने वाले, हिंदुओं को टारगेट करने लगे हैं। ऐसे में, इस महिला ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से सीधा सवाल किया: “मुझे यह साबित करने के लिए ईसाई क्यों बनना पड़ेगा कि मैं अमेरिका से बहुत प्यार करती हूं? मैं आप में से ही एक हूं।”
“क्या मुझे भी ईसाई बनना पड़ेगा?”
महिला ने आगे पूछा, “क्या इसे भी साबित करने के लिए मुझे ईसाई बनना पड़ेगा?” उसने जेडी वेंस से यह भी पूछा कि उनकी पत्नी उषा वेंस भी तो हिंदू हैं, तो वह इसे कैसे देखते हैं?
लेकिन महिला यहीं नहीं रुकी। उसने प्रवासियों के मुद्दे पर भी जेडी वेंस को घेर लिया। उसने पूछा, “आपने हमें सपने क्यों बेचे? आपने हमसे हमारा जीवन, हमारी दौलत इस देश में खर्च करवा दी। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए हमने कड़ी मेहनत भी की है। लेकिन अब हमें अचानक देश से निकालने की बातें की जा रही हैं। आप वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर वहां खड़े होकर यह कैसे बोल सकते हैं कि अब हमारे देश में बहुत प्रवासी हो गए हैं, अब हमें इन्हें निकालना होगा। आप ही ने तो हमें यहां बुलाया था। हम कानूनी तरीके से यहां आए हैं। आपने जितना पैसा मांगा हमने वह दिया। लेकिन अब अचानक अमेरिका बोल रहा है कि हमें प्रवासी लोग नहीं चाहिए।”
जेडी वेंस की पत्नी पर बयान से मचा बवाल
दूसरी ओर, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी पत्नी उषा के ईसाई धर्म में आने की उम्मीद जताई है। सार्वजनिक मंच से जेडी ने कहा है कि वह चाहते हैं कि उषा कैथोलिक चर्च से प्रभावित होकर हिन्दू धर्म छोड़ दें और ईसाई बन जाएं। इस बयान के मीडिया में आने के बाद उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
वेंस से उनकी पत्नी की आस्था के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “उषा अक्सर उनके साथ चर्च जाती हैं। उम्मीद है कि वह एक दिन चर्च की उन बातों से प्रभावित होंगी, जिनपर उन्होंने वयस्क होने पर कैथोलिक धर्म अपनाया था। मैं सचमुच यही चाहता हूं क्योंकि मैं ईसाई धर्म में विश्वास करता हूं। मुझे उम्मीद है कि आखिरकार मेरी पत्नी भी इसे उसी नज़र से देखेंगी।”
अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस बयान को सोशल मीडिया पर कई भारतीय यूजर्स ने विवादास्पद बताते हुए तीखी आलोचना की है। दीप बरोट नाम के भारतीय-अमेरिकी टिप्पणीकार ने वेंस के इस दावे का मजाक उड़ाया कि उनकी पत्नी पहले ईश्वर पर विश्वास नहीं करती थीं। एक अन्य भारतीय एक्स यूजर ने लिखा कि वेंस पाखंडी हैं। वहीं ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता एरी ड्रेनन ने कहा कि वह पद पर रहते हुए तलाक लेने वाले पहले उपराष्ट्रपति होंगे।
‘लोकतंत्र’ की मिसाल?
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज ने वायरल वीडियो में बिंदी लगाए दिख रही महिला और वेंस के बीच हुई बातचीत की सराहना करते हुए कहा, “इसे लोकतंत्र कहते हैं।” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, भारद्वाज ने कहा कि अमेरिका में एक भारतीय छात्र उपराष्ट्रपति से सवाल पूछ सकता है, और उपराष्ट्रपति ने जवाब भी दिया।
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