जब कामचटका की लहरें उठीं: सुनामी की दस्तक और बचाव की पुकार
कामचटका प्रायद्वीप के शांत तटों पर भूकंप ने ऐसी हलचल मचाई कि 3 से 4 मीटर ऊंची सुनामी लहरें समंदर से उठकर किनारे की ओर दौड़ीं। इस अप्रत्याशित संकट के कारण, सेवेरो-कुरिल्स्क जैसे कई तटीय शहर खाली कराए गए। यात्रियों और निवासियों को फौरन सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने के निर्देश दिए गए।
क्षेत्रीय गवर्नर, व्लादिमीर सोलोडोव, ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोगों से धैर्य बनाए रखने और सरकार के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उनकी अपील, “शांति बनाए रखें और तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ें,” इस आपातकाल के बीच एक महत्वपूर्ण पैगाम थी।
अलास्का से लेकर प्रशांत तक: सुनामी की चेतावनी की गूँज
सुनामी का खतरा सिर्फ कामचटका तक ही सीमित नहीं रहा। यूएसGS ने अलास्का के अल्यूशियन द्वीप समूह के लिए भी सतर्कता की घंटी बजाई। अनुमान था कि शेम्या, अलास्का में दोपहर 12:25 बजे (AKDT) तक पहली संभावित लहर दस्तक दे सकती थी।
राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने भी स्पष्ट किया कि अलास्का के कुछ इलाकों में खतरे की तलवार लटकी हुई है। हालांकि, अच्छी खबर यह थी कि अमेरिकी समोआ, गुआम, रोटा और साइपन जैसे दूरदराज के क्षेत्रों के लिए फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं था। हवाई के अधिकारियों ने भी प्रशांत महासागर के विशाल विस्तार में किसी गंभीर सुनामी के आने की संभावना को नकार दिया, जिससे कुछ हद तक राहत की सांस ली गई।
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