अमेरिकी सीनेट का फैसला: सर्जियो गोर होंगे भारत में अमेरिका के नए राजदूत, 51-47 से हुई पुष्टि
वाशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने भारत में अमेरिका के अगले राजदूत के रूप में सर्जियो गोर (38) के नाम पर मुहर लगा दी है। मंगलवार को हुई मतदान प्रक्रिया में 51 सीनेटरों ने गोर के पक्ष में मतदान किया, जबकि 47 ने उनके विरुद्ध अपना मत दिया। यह महत्वपूर्ण पुष्टि अमेरिकी सरकार के मौजूदा ‘शटडाउन’ के बावजूद हुई, जिसने 107 अन्य नामित व्यक्तियों के नामों को भी मंजूरी प्रदान की। इसी क्रम में, कैलिफोर्निया के पॉल कपूर को दक्षिण एशियाई मामलों के लिए सहायक विदेश मंत्री और फ्लोरिडा की अंजनि सिन्हा को सिंगापुर गणराज्य में राजदूत नियुक्त किया गया है।
ट्रम्प का भरोसा: “महान मित्र” सर्जियो गोर पर पूरा विश्वास
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अगस्त में राष्ट्रपति के कार्मिक निदेशक रह चुके गोर को भारत में अगले अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के तौर पर नामित किया था। ट्रम्प ने गोर को अपना “महान मित्र” बताते हुए कहा कि वे कई वर्षों से उनके साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस नियुक्ति पर जोर देते हुए कहा, “दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि मेरे पास कोई ऐसा व्यक्ति हो, जिस पर मैं अपने एजेंडे को पूरा करने और अमेरिका को फिर से महान बनाने में हमारी मदद करने के लिए पूरी तरह भरोसा कर सकूँ। सर्जियो एक अद्भुत राजदूत साबित होंगे।”
भारत का स्वागत: द्विपक्षीय संबंधों को महत्व का संकेत
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने गोर के नामांकन का गर्मजोशी से स्वागत किया था। उन्होंने गोर को राष्ट्रपति ट्रम्प के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बताया और कहा कि यह निर्णय अमेरिका द्वारा भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को दिए जाने वाले महत्व और प्राथमिकता को दर्शाता है।
गोर का भारत पर दृष्टिकोण: रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक प्रभाव
पिछले महीने सीनेट की विदेश संबंध समिति में अपने नाम की पुष्टि के लिए हुई सुनवाई के दौरान, सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण “रणनीतिक साझेदार” बताया था। उन्होंने इस “महत्वपूर्ण” साझेदारी में अमेरिका के हितों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। गोर ने विशेष रूप से कहा कि “अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में सुधार से न केवल अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, बल्कि अन्य देशों पर चीन का आर्थिक प्रभाव भी कम होगा।” उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की भूमिका को भी अहम बताया, और कहा कि “एक स्थिर दक्षिण एशिया अमेरिका और सभी देशों के हित में है।”
कौन हैं सर्जियो गोर? ट्रम्प के खास और अनुभवी प्रशासक
ट्रम्प के एक करीबी सहयोगी के रूप में जाने जाने वाले सर्जियो गोर, राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक के पद पर कार्य कर चुके हैं। उन्हें अगस्त में न केवल भारत में राजदूत, बल्कि दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत की दोहरी भूमिकाओं के लिए नामित किया गया था।
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