ट्रंप प्रशासन की अनूठी पहल: अमेरिका छोड़ने वाले अकेले प्रवासी बच्चों को मिलेंगे ₹2.21 लाख!
"मेक अमेरिका ग्रेट अगेन" के वादे को साकार करने की दिशा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक और कदम आगे बढ़ा रहे हैं। टैरिफ और प्रतिबंधों के बाद अब अमेरिकी वीजा नीतियों पर भी सख्ती बरतने वाले ट्रंप प्रशासन ने एक ऐसी योजना पर काम शुरू किया है, जो शायद ही पहले कभी देखी गई हो। इस बार, अमेरिका छोड़ने वालों को भी सरकार से आर्थिक मदद मिलेगी!
क्या है ये नई योजना?
ट्रंप प्रशासन की नई पहल के तहत, अमेरिका में अकेले रहने वाले प्रवासी बच्चों को उनके देश लौटने के लिए 2,500 डॉलर, यानि लगभग 2,21,000 रुपये की राशि दी जाएगी। यह एक एकमुश्त भुगतान होगा, जिसका उद्देश्य बच्चों को स्वेच्छा से अपने गृह देशों में लौटने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कौन हैं इस योजना के हकदार?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा जारी की गई यह प्रोत्साहन राशि 14 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन अकेले प्रवासी बच्चों के लिए है, जो अमेरिका छोड़कर अपने देश लौटना चाहते हैं। यह प्रस्ताव विशेष रूप से उन बच्चों के लिए है जो 14 वर्ष के हो चुके हैं और कानूनी अभिभावक के बिना अमेरिका की सीमा पर पहुंचे थे। हालाँकि, शुरुआत में यह योजना 17 वर्ष के बच्चों पर केंद्रित है और मेक्सिको से आने वाले बच्चों को इससे बाहर रखा गया है।
भुगतान की प्रक्रिया और शर्तें
इस राशि का भुगतान एक जटिल प्रक्रिया के बाद ही किया जाएगा। सबसे पहले, एक आव्रजन न्यायाधीश (इमिग्रेशन जज) को बच्चे के स्वैच्छिक वापसी के अनुरोध को मंजूरी देनी होगी। इसके बाद, जब बच्चा सुरक्षित रूप से अपने देश लौट आएगा, तब यह भुगतान किया जाएगा।
एक व्यापक रणनीति का हिस्सा
यह योजना ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य स्वैच्छिक निर्वासन को बढ़ावा देना है। इससे पहले, DHS ने उन वयस्क प्रवासियों को भी 1,000 डॉलर का भत्ता देने की घोषणा की थी, जिन्होंने स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने का फैसला किया था। इस योजना के लिए विदेश विभाग से 250 मिलियन डॉलर का फंड आवंटित किया गया था।
"अकेले प्रवासी बच्चे" कौन होते हैं?
अमेरिकी संघीय कानून के अनुसार, वे बच्चे जो बिना माता-पिता या कानूनी अभिभावक के अमेरिका की सीमा पर पहुँचते हैं, उन्हें "अकेला" (Unaccompanied) वर्गीकृत किया जाता है। ऐसे बच्चों को तब तक सरकारी आश्रयों में रखा जाता है, जब तक उन्हें उनके परिवार से मिलाया न जाए या पालक देखभाल में न भेजा जाए। गुरुवार तक, 2,100 से अधिक ऐसे बच्चे स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) की हिरासत में थे।
आलोचना और बचाव
जहाँ एक ओर आलोचक इस नीति को "क्रूर" और "दबाव डालने वाली रणनीति" बता रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के अधिकारी इसका बचाव कर रहे हैं। विभाग के संचार निदेशक एंड्रयू निक्सन का कहना है कि यह कार्यक्रम बच्चों को एक "विकल्प" देता है और उन्हें अपने भविष्य के बारे में "सूचित निर्णय" लेने की अनुमति देता है।
कानूनी चुनौतियाँ और आंकड़े
ट्रंप प्रशासन की प्रवासी बच्चों की निर्वासन प्रक्रिया को तेज करने की कोशिशों को पहले भी कई बार कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2019 से अब तक 6 लाख से अधिक अकेले नाबालिग अमेरिका-मेक्सिको सीमा पार कर चुके हैं।
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