RBI ला रहा है शिकायत निवारण में क्रांति: AI-संचालित प्रणाली से मिलेगी त्वरित राहत
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब ग्राहकों की शिकायतों के निवारण को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि RBI अपनी शिकायत प्रबंधन प्रणाली को उन्नत करने की योजना बना रहा है, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सक्षम उपकरणों का भी उपयोग किया जाएगा।
राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए, वित्त राज्य मंत्री (MoS) पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि रिजर्व बैंक-एकीकृत लोकपाल योजना के अंतर्गत शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। इसके अलावा, RBI ने लोकपाल के कर्मचारियों के कौशल को निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए हैं। शिकायतों के प्रभावी निपटान हेतु व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं और समय-समय पर कर्मचारियों की आंतरिक आवश्यकताओं का आकलन भी किया जा रहा है। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य परिचालन दक्षता में सुधार लाना और शिकायत समाधान में होने वाली देरी को कम करना है।
यह कदम एस निरंजन रेड्डी द्वारा राज्यसभा में उठाए गए एक महत्वपूर्ण प्रश्न के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने रिजर्व बैंक-एकीकृत लोकपाल योजना (RB-IOS) के तहत शिकायतों के समाधान में बढ़ती देरी के कारणों पर प्रकाश डाला था। रेड्डी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि अनधिकृत डिजिटल भुगतान लेनदेन से संबंधित शिकायतों के समाधान में लगने वाला औसत समय (Turnaround Time – TAT) वित्त वर्ष 2022-23 में 36.3 दिनों से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 68.3 दिन हो गया है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने उत्तर में इन देरी के पीछे कई कारणों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शिकायतों की बढ़ती संख्या और मामलों की बढ़ती जटिलता, विशेष रूप से जब कई संस्थाएं इसमें शामिल होती हैं, अनधिकृत डिजिटल भुगतान लेनदेन से संबंधित शिकायतों के समाधान में समय बढ़ा रही है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता और लाभार्थी दोनों के खातों के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच आवश्यक होती है। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन, सभी पक्षों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और व्यक्तिगत सुनवाई प्रदान करने जैसी प्रक्रियात्मक आवश्यकताएं भी समाधान की समय-सीमा को बढ़ाने में योगदान करती हैं।
AI-संचालित शिकायत प्रबंधन प्रणाली का आगमन निश्चित रूप से इन चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को उनके वित्तीय मामलों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित और संतोषजनक समाधान मिलने की उम्मीद है।
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