चीन का अमेरिकी सोयाबीन पर बड़ा दांव: व्यापारिक गलियारों में हलचल
हाल ही में, चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की अभूतपूर्व खरीद करके वैश्विक बाजार में सनसनी फैला दी है। मंगलवार से अब तक, ड्रैगन ने अमेरिका से कम से कम 10 कार्गो सोयाबीन अपने पाले में कर लिए हैं, जिनकी कीमत लगभग 300 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। यह सौदा ऐसे नाजुक समय पर हुआ है जब कुछ ही दिन पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत ने दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को कम करने की उम्मीद जगाई थी।
व्यापारिक गर्मजोशी और सोयाबीन की चाल
पिछले कुछ महीनों से व्यापार युद्ध की मार झेल रहे अमेरिका और चीन के बीच हाल के हफ्तों में रिश्तों में कुछ नरमी आई है। ट्रंप ने खुद इस बात का जिक्र किया था कि उन्होंने शी से अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने का आग्रह किया था, जिस पर उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस नई खरीद को इसी बातचीत का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, चीन द्वारा खरीदे गए 10 से 15 कार्गो में से प्रत्येक में 60,000 से 65,000 मीट्रिक टन सोयाबीन लदे हैं। ये सभी माल जनवरी में अमेरिकी गल्फ कोस्ट और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट बंदरगाहों से रवाना होंगे। दिलचस्प बात यह है कि चीन ने यह खरीद तब की है जब अमेरिकी सोयाबीन की कीमत ब्राजील के मुकाबले अधिक है।
कीमतों से परे, संकेतों का महत्व
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका से भेजे जाने वाले सोयाबीन की कीमत जनवरी फ्यूचर्स के मुकाबले गल्फ से $2.3 प्रति बुशेल और पैसिफिक नॉर्थवेस्ट से $2.2 प्रति बुशेल के प्रीमियम पर है, जबकि ब्राजील से यह कीमत मात्र $1.8 प्रति बुशेल है। विशेषज्ञ बताते हैं कि आमतौर पर, बढ़ी हुई कीमतों पर व्यावसायिक खरीदार सतर्क हो जाते हैं क्योंकि ऐसे में लाभ मार्जिन कम हो जाता है।
फिर भी, चीन की यह खरीद कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ महीनों से चीन ने अमेरिकी सोयाबीन की खरीद लगभग बंद कर दी थी। दक्षिण कोरिया में अक्टूबर के अंत में हुई बातचीत के बाद से धीरे-धीरे खरीद में वृद्धि हुई है। सरकारी कंपनी COFCO ने अब तक लगभग 20 लाख टन अमेरिकी सोयाबीन का सौदा किया है।
लक्ष्य बड़े, कदम छोटे
व्हाइट हाउस द्वारा घोषित 12 मिलियन टन की खरीद के मुकाबले यह राशि कम लग सकती है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट का मानना है कि चीन की खरीद योजना पटरी पर है। उनका कहना है कि अगले तीन साल छह महीने में चीन द्वारा 87.5 मिलियन टन अमेरिकी सोयाबीन खरीदने का समझौता हुआ है, जो एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है और यह नवीनतम खरीद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कुल मिलाकर, यह खरीद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सुधरते रिश्तों का संकेत दे रही है। कृषि बाजार में भी इससे सकारात्मक हलचल देखी जा रही है, जिसके आने वाले महीनों में और बढ़ने की उम्मीद है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
