सवाधान! आपकी थाली में ‘जहर’ तो नहीं परोस रहा स्विगी इंस्टामार्ट? FSSAI ने थमाए 9 नोटिस
खाद्य नियामक संस्था FSSAI ने शनिवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘स्विगी इंस्टामार्ट’ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सड़े-गले और एक्सपायरी डेट निकल चुके खाद्य पदार्थों की होम डिलीवरी से जुड़ी शिकायतों के अंबार के बाद, नियामक ने कंपनी को एक-दो नहीं, बल्कि पूरे नौ नोटिस जारी किए हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए पुष्टि की कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई की गई है।
इस बीच, स्विगी इंस्टामार्ट के प्रवक्ता ने बचाव करते हुए कहा है कि वे उन उत्पादों की समीक्षा कर रहे हैं जिन पर सवाल उठे हैं और समाधान के लिए अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। हालांकि, FSSAI की चेतावनी साफ है—अगर कंपनी ने विस्तृत स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट जमा नहीं की, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गाज गिरेगी। उपभोक्ताओं का आरोप है कि प्लेटफॉर्म के जरिए न केवल पुराने, बल्कि असुरक्षित और दूषित खाद्य पदार्थ भी ग्राहकों के घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
प्राधिकरण ने शिकायतों के चौंकाने वाले ब्योरे साझा करते हुए बताया कि एक ‘शिशु पोषाहार’ (बेबी फूड) उत्पाद बेहद खराब और असुरक्षित स्थिति में पाया गया। इसमें दूषित होने और अनुचित रखरखाव के साफ संकेत थे। हैरान करने वाली बात यह है कि ग्राहक द्वारा शिकायत कर उत्पाद लौटाए जाने के बाद, कथित तौर पर उसी खराब माल को दोबारा ग्राहक के पास भेज दिया गया। इसके अलावा, उपभोक्ताओं ने खराब अंडे, फटा हुआ दूध और क्षतिग्रस्त डिब्बाबंद सामान मिलने की भी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं।
FSSAI की जांच में केवल खाने की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि कागजी कार्रवाई में भी बड़ी खामियां उजागर हुई हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई मामलों में FSSAI लाइसेंस नंबर या तो गलत थे, अमान्य थे या फिर पूरी तरह से गायब थे। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध कई खाद्य विक्रेताओं के नाम उनके आधिकारिक पंजीकरण से मेल नहीं खा रहे थे।
नियामक ने इस बात पर भी गहरा रोष जताया कि ग्राहकों की शिकायतों पर कंपनी का रवैया बेहद उदासीन रहा। शिकायतों को गंभीरता से लेने या सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के बजाय, कंपनी ने केवल पैसे वापस (रिफंड) करने की पेशकश कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की। FSSAI के अनुसार, ये नोटिस विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया, गुणवत्ता की निगरानी और उपभोक्ता शिकायतों के निवारण तंत्र में एक बड़ी विफलता को दर्शाते हैं।
हाल के दिनों में खाद्य नियामक प्राधिकरण काफी सक्रिय नजर आ रहा है और उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत एक्शन ले रहा है। सोशल मीडिया पर दी जा रही इन जानकारियों से साफ है कि नियामक अब लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सिर्फ स्विगी ही नहीं, बल्कि हाल ही में कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियों, मादक पेय निर्माताओं और अन्य क्विक-डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को भी FSSAI के कड़े नोटिसों का सामना करना पड़ा है।
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