हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर: बिल के बोझ से राहत दिलाने की तैयारी, डिस्कॉम ने पेश किया नया प्रस्ताव
हरियाणा की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों—उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN)—ने उपभोक्ताओं को वित्तीय सुगमता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) की वसूली प्रक्रिया को अधिक सरल और वहनीय बनाने के उद्देश्य से डिस्कॉम ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के समक्ष एक विशेष याचिका दायर की है।
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यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ‘बहु-वर्ष शुल्क (MYT) विनियम, 2024’ के विनियमन 68 में संशोधन की मांग की है। वर्तमान व्यवस्था के तहत, ईंधन और बिजली खरीद की अतिरिक्त लागत को हर महीने ‘ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार’ (FPPAS) के जरिए उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। बिजली कंपनियों ने अब यह प्रस्ताव दिया है कि इस मासिक वसूली को फिलहाल टाल दिया जाए। इसके बजाय, यह राशि अगले वित्त वर्षों में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं से 47 पैसे प्रति यूनिट की एक समान और स्थिर दर से वसूली जाए। कंपनियों ने यह भी अनुरोध किया है कि बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए इसमें ‘कैरींग कॉस्ट’ (ब्याज जैसी अतिरिक्त लागत) को भी जोड़ने की अनुमति दी जाए।
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हालांकि, विनियामक आयोग (HERC) ने इस प्रस्ताव पर तत्काल मुहर न लगाकर जन-परामर्श की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। आयोग ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर सभी संबंधित पक्षों, आम जनता और संस्थाओं से उनकी आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। इच्छुक व्यक्ति 1 मई तक अपनी राय दर्ज करा सकते हैं। इस प्रस्ताव पर अंतिम विमर्श के लिए 14 मई को सुबह 11:30 बजे पंचकूला स्थित आयोग के ‘कोर्टरूम’ में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसमें मामले के सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
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