सोने पर बढ़ता शुल्क और दुबई का चमकता रास्ता: क्या भारत का नया फैसला बदल देगा आयात के समीकरण?
भारत सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के फैसले ने सर्राफा बाजार और व्यापारिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। आर्थिक शोध संस्थान ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव’ (GTRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम से भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत दुबई के रास्ते होने वाले सोने के आयात में बड़ी तेजी आ सकती है। शुल्क में हुई यह बढ़ोतरी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जरिए होने वाली कीमती धातुओं की व्यापारिक गतिविधियों में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है।
दरअसल, शुल्क दर कोटा (TRQ) प्रणाली के तहत भारत ने दुबई से सोने के आयात पर सामान्य एमएफएन (सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र) दर के मुकाबले एक प्रतिशत की विशेष रियायत दी है। साल 2022 में यह कोटा 120 टन वार्षिक से शुरू हुआ था, जो 2027 तक बढ़कर 200 टन होने वाला है। यह मात्रा भारत के कुल वार्षिक सोना आयात का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होगी।
GTRI के विश्लेषण के मुताबिक, नई शुल्क संरचना लागू होने के बाद प्रभावी एमएफएन दर 15 प्रतिशत होगी, जबकि यूएई कोटे के तहत आने वाला सोना महज 14 प्रतिशत शुल्क पर आयात किया जा सकेगा। दिलचस्प बात यह है कि यूएई खुद सोने या चांदी का खनन नहीं करता, फिर भी शुल्क के इस बढ़ते अंतर के कारण वैश्विक सर्राफा का एक बड़ा प्रवाह दुबई के रास्ते भारत पहुंचने की संभावना है।
चांदी के बाजार में भी यही कहानी दोहराई जा रही है। भारत-यूएई समझौते (CEPA) के तहत भारत ने मई 2022 से शुरू होने वाले 10 वर्षों में चांदी पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने पर सहमति दी थी। वर्तमान में यूएई से चांदी आयात पर रियायती शुल्क 7 प्रतिशत है। GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि भारत द्वारा सामान्य शुल्क को 15 प्रतिशत करने से यह अंतर अब 8 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो दुबई के रास्ते आयात के लिए एक बड़ा अवसर पैदा करता है। यह अंतर 2031 तक शुल्क शून्य होने तक हर साल और अधिक आकर्षक होता जाएगा।
आंकड़ों की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का सोना आयात लगभग 72 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं, चांदी के आयात ने 150 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि के साथ सबको चौंका दिया है। इन बदलावों के बीच, GTRI ने वित्त मंत्रालय से इन शुल्क परिवर्तनों से संबंधित जटिल अधिसूचनाओं को सरल बनाने का भी आग्रह किया है।
ज्ञात हो कि सरकार ने बुधवार को सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जबकि प्लैटिनम पर इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया है। इसका सीधा असर सोने-चांदी के सिक्कों, डोरे और अन्य संबंधित वस्तुओं के आयात और उनकी कीमतों पर पड़ेगा।
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