भारत की सेमी-कंडक्टर क्रांति: एस.सी.एल. में 4500 करोड़ का महा-निवेश, भविष्य की ओर एक बड़ी छलांग!
नई दिल्ली: भारत के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ आने वाला है! केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार अगले तीन वर्षों में सरकारी चिप कंपनी, सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (एस.सी.एल.) को आधुनिक बनाने के लिए एक अभूतपूर्व 4,500 करोड़ रुपये का भारी निवेश करने जा रही है। यह निवेश देश को सेमी-कंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
एस.सी.एल.: देश की इकलौती एकीकृत डिवाइस विनिर्माण सुविधा
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एम.ई.आई.टी.वाई.) के अधीन एक स्वायत्त संस्था के रूप में, एस.सी.एल. भारत की एकमात्र ऐसी एकीकृत डिवाइस विनिर्माण सुविधा है जो एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट्स (एएसआईसीएस), ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों और माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम (एम.ई.एम.एस.) उपकरणों के विकास के लिए संपूर्ण समाधान प्रदान करती है। यह सुविधा देश की तकनीकी प्रगति की रीढ़ है।
विस्तार के लिए ज़मीन की मांग और भविष्य की योजनाएं
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस विस्तार योजना के तहत, केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से 25 एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मोहाली में एक डिवाइस हैंडओवर समारोह के दौरान, मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया, “अगले तीन वर्षों में 4,500 करोड़ रुपये के निवेश से एस.सी.एल. को पूरी तरह से आधुनिक बनाया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि एस.सी.एल. सेमी-कंडक्टर के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस सुविधा के निजीकरण का कोई सवाल ही नहीं उठता।
तकनीकी कायापलट और उत्पादन में 100 गुना वृद्धि का लक्ष्य
मंत्री ने एस.सी.एल. में उत्पादन क्षमता को 100 गुना बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमें तकनीक में एक बड़ा बदलाव लाना होगा। यहां दशकों पुरानी तकनीक है, हमें एक बड़ी छलांग लगानी है।” यह आधुनिकीकरण न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि मोहाली में स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बढ़ावा देगा।
युवा प्रतिभाओं के लिए नई राहें
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के 300 विश्वविद्यालयों के स्नातक छात्र और शोधकर्ता वर्तमान में चिप डिजाइन के लिए दुनिया के सबसे उन्नत ई.डी.ए. टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। एस.सी.एल. का यह पुनरुद्धार इन युवा प्रतिभाओं को चिप उत्पादन के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने और देश के तकनीकी विकास में सीधे योगदान करने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेगा। यह निवेश भारत को सेमी-कंडक्टर निर्माण के वैश्विक मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है।
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