(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, सात नवंबर — पाकिस्तान की आर्थिक सेहत को लेकर एक बार फिर चिंताएं गहरा गई हैं। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में देश का व्यापार घाटा 16 प्रतिशत की उछाल के साथ लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में शनिवार को यह खुलासा किया गया है कि इस अवधि के दौरान निर्यात में सुस्त रफ्तार के बीच आयात का आंकड़ा बढ़कर 26 अरब अमेरिकी डॉलर तक जा पहुंचा है।
प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने शुक्रवार को पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (PBS) के हवाले से चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से अक्टूबर के बीच आयात और निर्यात का यह अंतर बढ़कर 14.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।
सरकारी आंकड़ों के आइने में देखें, तो इन चार महीनों में आयात में 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 12.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सीधे 26 अरब अमेरिकी डॉलर पर जा टिका है। बढ़ते ऊर्जा आयात बिल के मद्देनजर केंद्रीय बैंक ने अंदेशा जताया है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल आयात बढ़कर 71 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, पीबीएस के अनुसार जुलाई से अक्टूबर के बीच कुल निर्यात 11.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 8.5 प्रतिशत अधिक तो है, लेकिन नाकाफी साबित हो रहा है।
देश के निर्यात को पंख लगाने के लिए सरकार ने इस बार के बजट में बड़े निर्यातकों को सस्ते दर पर कर्ज मुहैया कराने के वास्ते 88 अरब पाकिस्तानी रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी का प्रावधान किया है। इसके बावजूद, निर्यात लगातार 2.5 अरब से 3 अरब अमेरिकी डॉलर के दायरे में ही सिमटा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तानी मुद्रा में डॉलर के मुकाबले करीब 100 रुपये तक की भारी गिरावट भी देश के निर्यात को कोई बड़ा बूस्ट देने में नाकाम साबित हुई है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया महज एक पैसे की मामूली मजबूती के साथ 276.66 के स्तर पर बंद हुआ।
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