Petrol-Diesel Price Hike: क्या सच में बढ़ेंगे दाम? सरकार के इस बयान ने खत्म किया सारा सस्पेंस!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
क्या महंगा होगा Petrol-Diesel? Price Hike की अफवाहों पर Government ने लगाया Full Stop

कच्चे तेल की तपिश और पेट्रोल-डीजल पर ‘महंगाई का बम’: क्या वाकई 25-28 रुपये बढ़ेंगे दाम?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर हलचल मचा दी है। कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुकी हैं। हालांकि, युद्धविराम की चर्चाओं के दौरान कीमतों में कुछ नरमी जरूर देखी गई थी, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी अस्थिरता ने बाजार को फिर से चिंता में डाल दिया है। इसी उथल-पुथल के बीच एक सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि तेल की इन बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रिफाइनरियों को प्रति माह लगभग 27,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम घाटा उठाना पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें: भारत के लिए शेर की तरह दहाड़ा इजरायल, हिल गई दुनिया!

रिपोर्ट के मुताबिक, रिफाइनरियां इस आर्थिक बोझ को लंबे समय तक सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, भारत सरकार ने इन रिपोर्टों को ‘शरारती और भ्रामक’ करार देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी खबरें केवल नागरिकों में दहशत और डर फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। इन दावों में यह भी कहा गया है कि बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लागत और घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली दरों के बीच का अंतर काफी बढ़ गया है। वैश्विक बाजार में उछाल के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं, जिसका मुख्य कारण चुनावी मौसम को माना जा रहा है। भारतीय उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतों में बदलाव सीधा और सबसे संवेदनशील मुद्दा है, जो सीधे तौर पर हर नागरिक की जेब पर असर डालता है।

इसे भी पढ़ें: Donald Trump की Nasty या Nice लिस्ट! ईरान युद्ध में साथ न देने वाले NATO सहयोगियों पर गिर सकती है गाज

रिपोर्ट में यह संभावना भी जताई गई है कि अगर कीमतों में वृद्धि की जाती है, तो वह एक साथ न होकर चरणबद्ध (Phased manner) तरीके से होगी। जनता को अचानक लगने वाले झटके से बचाने और महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए कीमतों को किश्तों में बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version