अर्श से फर्श पर चांदी: रिकॉर्ड ऊंचाई से 50% से ज्यादा टूटी कीमतें, क्या अब निवेश का है सही मौका?
चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। चमक बिखेरने वाली यह धातु अपने रिकॉर्ड स्तर से आधे से भी नीचे आ चुकी है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी के आखिरी सप्ताह में चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक शिखर छुआ था। लेकिन उस ऊंचाई से फिसलने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमने का नाम नहीं ले रहा और शुक्रवार को इसका भाव लुढ़ककर ₹1,85,723 पर सिमट गया।
बाजार के तकनीकी दिग्गजों की मानें तो सोने के लिए ₹1.40 लाख से ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम का स्तर एक बेहद अहम ‘सपोर्ट जोन’ बना हुआ है। अगर बाजार इस स्तर को नहीं बचा पाता है, तो कीमतें ₹1.37 लाख से ₹1.38 लाख तक गोता लगा सकती हैं। वहीं, चांदी के लिए ₹1.83 लाख से ₹1.85 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है, जहां इसकी कीमतों को सहारा मिल सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का रुख सकारात्मक है; उनका मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी सीजन की खरीदारी करने वालों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, बुलियन मार्केट की अगली चाल 8-9 दिसंबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और वहां के महंगाई व रोजगार के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता कम होती है, तो सोने-चांदी में शानदार रिकवरी देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, मजबूत आंकड़े गिरावट के जख्मों को और गहरा कर सकते हैं, जिसमें चांदी की चमक सोने के मुकाबले ज्यादा फीकी पड़ने की आशंका है।
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